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हरिद्वार के ‘भंडारा किंग’ रामाशंकर गुप्ता की संदिग्ध मौत से सनसनी

हरिद्वार। उत्तराखंड के धार्मिक नगर हरिद्वार से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लाखों श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया पर उन्हें जानने वालों को भावुक कर दिया है। अपनी अनोखी अपील “भंडारा करा दो बाबूजी…” के जरिए देशभर में पहचान बनाने वाले रामाशंकर गुप्ता, जिन्हें लोग प्यार से ‘भंडारा किंग’ के नाम से जानते थे, […]

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  • July 11, 2026 11:37 am IST, Published 3 hours ago

हरिद्वार। उत्तराखंड के धार्मिक नगर हरिद्वार से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लाखों श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया पर उन्हें जानने वालों को भावुक कर दिया है। अपनी अनोखी अपील “भंडारा करा दो बाबूजी…” के जरिए देशभर में पहचान बनाने वाले रामाशंकर गुप्ता, जिन्हें लोग प्यार से ‘भंडारा किंग’ के नाम से जानते थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की खबर सामने आने के बाद हरिद्वार सहित पूरे देश में शोक की लहर है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामाशंकर गुप्ता का शव हरिद्वार के हर की पौड़ी क्षेत्र स्थित एक सार्वजनिक शौचालय से बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

सोशल मीडिया से मिली देशभर में पहचान

रामाशंकर गुप्ता वर्षों से हरिद्वार के शिवसेतु और हर की पौड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं से हाथ जोड़कर भंडारा कराने की अपील करते थे। उनकी सबसे प्रसिद्ध आवाज थी—”भंडारा करा दो बाबूजी… 100 में पांच बाबा, 200 में 11 बाबा खाएंगे।”

उनकी यही शैली सोशल मीडिया पर वायरल हुई और देखते ही देखते वे इंटरनेट पर लोकप्रिय चेहरा बन गए। देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालु उन्हें पहचानने लगे थे। कई लोग केवल उनसे मिलने और उनके माध्यम से भंडारा कराने के उद्देश्य से भी हरिद्वार पहुंचते थे।

श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र बने थे रामाशंकर

हरिद्वार आने वाले हजारों श्रद्धालु रामाशंकर गुप्ता की अपील सुनकर अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग करते थे। उनके माध्यम से साधु-संतों और जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जाती थी। यही वजह थी कि स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी अलग पहचान बन गई थी।

समय के साथ सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लाखों बार देखे गए। कई यूट्यूब चैनलों, फेसबुक पेजों और इंस्टाग्राम अकाउंट्स ने उनकी कहानी साझा की, जिसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती चली गई।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव

जानकारी के मुताबिक, रामाशंकर गुप्ता का शव हर की पौड़ी क्षेत्र के एक सार्वजनिक शौचालय में मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों की पहचान और उनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था और वे शौचालय तक कैसे पहुंचे।

यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर उमड़ा शोक

रामाशंकर गुप्ता के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने दुख व्यक्त करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने उनके पुराने वीडियो साझा करते हुए श्रद्धांजलि दी। लोगों का कहना है कि उनकी आवाज हरिद्वार की पहचान बन चुकी थी और अब वह आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।

कई श्रद्धालुओं ने लिखा कि हरिद्वार यात्रा के दौरान वे हर बार रामाशंकर गुप्ता से मिलते थे और उनकी अपील पर भंडारा कराते थे। उनके निधन की खबर ने सभी को भावुक कर दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

हरिद्वार ने खोया एक जाना-पहचाना चेहरा

रामाशंकर गुप्ता केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि हरिद्वार आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक परिचित चेहरा बन चुके थे। उनकी सरलता, विनम्र व्यवहार और भंडारे के लिए की जाने वाली अपील ने उन्हें आम लोगों के दिलों में विशेष स्थान दिलाया। उनके निधन से हरिद्वार के धार्मिक परिवेश में एक ऐसी कमी महसूस की जा रही है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तथ्य बदल सकते हैं।)

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