नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े एक चर्चित आतंकी साजिश मामले में तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन बेनाडिक (Matthew Aaron Benadik) की याचिका पर दिल्ली की एनआईए कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। आरोपी ने दावा किया है कि जेल में उचित भोजन नहीं मिलने और लंबी भूख हड़ताल के कारण उसका वजन लगभग 14 किलोग्राम तक कम हो गया है। उसने अदालत से जेल के अंदर स्वयं भोजन बनाने की अनुमति देने की मांग की है।
इस मामले ने जेलों में बंद कैदियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि आरोपी के स्वास्थ्य, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर क्या व्यवस्था की गई है।
मसालेदार भोजन नहीं मिलने की शिकायत
याचिका में आरोपी ने कहा है कि उसे जेल में ऐसा भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा जो उसकी खान-पान संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उसका दावा है कि उसे मसालेदार भोजन की आवश्यकता है और उपलब्ध भोजन उसके लिए उपयुक्त नहीं है। इसी कारण उसने कई दिनों तक भूख हड़ताल की, जिससे उसके शरीर का वजन तेजी से कम हो गया।
आरोपी ने अदालत से अनुरोध किया कि उसे जेल के भीतर सीमित संसाधनों के साथ स्वयं भोजन तैयार करने की अनुमति दी जाए ताकि उसका स्वास्थ्य और अधिक खराब न हो।
कोर्ट ने मांगा जेल प्रशासन का जवाब
याचिका पर सुनवाई करते हुए एनआईए कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी किया है। अदालत ने पूछा है कि आरोपी के स्वास्थ्य की निगरानी किस प्रकार की जा रही है, उसे किस प्रकार का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और क्या उसकी चिकित्सकीय जांच नियमित रूप से हो रही है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जेल प्रशासन को आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति और भोजन संबंधी शिकायतों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही अदालत आगे का निर्णय लेगी।
स्वास्थ्य पर जताई चिंता
याचिका में कहा गया है कि भूख हड़ताल के कारण आरोपी का वजन लगभग 14 किलोग्राम तक घट गया है। उसका कहना है कि लगातार वजन कम होने से उसके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उसने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो उसकी स्थिति और बिगड़ सकती है।
हालांकि, आरोपी के दावों की पुष्टि फिलहाल अदालत में पेश किए जाने वाले मेडिकल रिकॉर्ड और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।
एनआईए के मामले में बंद है आरोपी
मैथ्यू एरॉन बेनाडिक को एनआईए द्वारा दर्ज एक आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है। इस दौरान आरोपी ने जेल में भोजन और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
जेल नियमों के अनुसार मिलती हैं सुविधाएं
भारतीय जेल नियमों के तहत प्रत्येक कैदी को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाती है। यदि किसी कैदी को विशेष चिकित्सकीय या धार्मिक कारणों से अलग भोजन की आवश्यकता होती है तो संबंधित नियमों और जेल प्रशासन की अनुमति के आधार पर व्यवस्था की जा सकती है।
हालांकि जेल के भीतर स्वयं भोजन बनाने की अनुमति सामान्य परिस्थितियों में नहीं दी जाती। ऐसी अनुमति विशेष परिस्थितियों और न्यायालय के निर्देशों के आधार पर ही संभव होती है।
मानवाधिकार और सुरक्षा के बीच संतुलन
विशेषज्ञों का मानना है कि जेल प्रशासन के सामने एक ओर कैदियों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी होती है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे मामलों में अदालतें दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद संतुलित फैसला देती हैं।
यदि अदालत को यह प्रतीत होता है कि किसी कैदी के स्वास्थ्य पर वास्तविक खतरा है तो वह आवश्यक चिकित्सा सुविधा या अन्य राहत देने के निर्देश जारी कर सकती है।
अगली सुनवाई पर रहेगी नजर
अब इस पूरे मामले में सभी की निगाहें तिहाड़ जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद अदालत यह तय करेगी कि आरोपी के दावों में कितनी सच्चाई है और क्या उसे किसी विशेष राहत की आवश्यकता है।
फिलहाल कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में अदालत की अगली सुनवाई के दौरान इस मामले में महत्वपूर्ण आदेश सामने आ सकते हैं।