नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि राज्य में मौजूदा माहौल तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पक्ष में दिखाई दे रहा है।
पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान के दौरान तारिक अनवर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जनता में चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने खास तौर पर महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि इस बार बड़ी संख्या में महिलाएं मतदान केंद्रों तक पहुंच रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने यह भी अनुमान जताया कि मतदान प्रतिशत इस बार काफी ऊंचा रह सकता है और शाम तक यह आंकड़ा 75 से 80 प्रतिशत के करीब पहुंच सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया गोपनीय होती है, इसलिए अंतिम परिणाम को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन मौजूदा माहौल TMC के पक्ष में झुकता नजर आ रहा है।
कांग्रेस पार्टी की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि पार्टी राज्य में अकेले चुनाव लड़ रही है, जबकि उसके वरिष्ठ नेता का बयान TMC के पक्ष में जाता दिख रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के अन्य नेताओं ने कहा कि पार्टी अपने स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेगी और जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस मिलने पर भी प्रतिक्रिया सामने आई। तारिक अनवर ने कहा कि पार्टी इस मामले में उचित जवाब देगी और खड़गे पहले ही अपने बयान को स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने दावा किया कि भाजपा इस चुनाव में कमजोर स्थिति में है और कांग्रेस पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है, लेकिन भाजपा के खिलाफ माहौल होने के कारण इसका सीधा फायदा मौजूदा सरकार को मिल सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल का यह चुनाव काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां बहुकोणीय मुकाबले के बावजूद मुख्य लड़ाई TMC और भाजपा के बीच ही मानी जा रही है। ऐसे में कांग्रेस की भूमिका निर्णायक हो सकती है, खासकर उन सीटों पर जहां मुकाबला करीबी है।
अब सभी की नजरें आगामी मतदान चरणों और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल में अगली सरकार किसकी बनेगी।