नई दिल्ली: देशभर में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही हीटवेव (लू) का खतरा भी गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा जोखिम बच्चों और बुजुर्गों को होता है, क्योंकि उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में उतना सक्षम नहीं होता। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है।
National Health Mission (NHM) के अनुसार, छोटे बच्चों और बुजुर्गों में लू लगने का खतरा अधिक होता है। बच्चों का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता और उनकी पसीने की ग्रंथियां कम सक्रिय होती हैं, जिससे शरीर की गर्मी बाहर निकलने में दिक्कत होती है। वहीं, बुजुर्गों में उम्र, दवाइयों के असर और कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण गर्मी सहने की क्षमता कम हो जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मी के दौरान कुछ सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग को चक्कर आना, तेज सिरदर्द, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, उल्टी या मतली जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है। ऐसे मामलों में व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए और आवश्यकता होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हीटवेव से बचाव के लिए कुछ आसान लेकिन बेहद प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है शरीर को हाइड्रेटेड रखना। बच्चों और बुजुर्गों को नियमित अंतराल पर पानी पिलाना चाहिए। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ORS जैसे तरल पदार्थ भी बेहद फायदेमंद होते हैं।
धूप से बचाव भी बेहद जरूरी है। घर से बाहर निकलते समय हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें, साथ ही सिर को ढकने के लिए टोपी या कपड़ा जरूर इस्तेमाल करें। आंखों को तेज धूप से बचाने के लिए चश्मा भी पहन सकते हैं। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक तेज होती हैं।
खानपान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा तेल और मसालेदार भोजन से परहेज करें और हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक आहार लें। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दही और सलाद शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं। साथ ही, शराब, कैफीन और अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखें, क्योंकि ये शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकते हैं।
Ministry of Health and Family Welfare की सलाह के अनुसार, घर के अंदर ठंडा वातावरण बनाए रखना भी जरूरी है। पंखा, कूलर या एयर कंडीशनर का उपयोग करें और कमरों को हवादार रखें। यदि किसी को लू लगने का संदेह हो, तो तुरंत उसे ठंडे पानी से पोंछें, गीले कपड़े का इस्तेमाल करें और जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लें।
कुल मिलाकर, थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी से बच्चों और बुजुर्गों को हीटवेव के खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है। यह जरूरी है कि परिवार के सदस्य इन बातों का ध्यान रखें और गर्मी के इस मौसम में अपने प्रियजनों की विशेष देखभाल करें।