नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा और मन को जोड़ने वाली एक पवित्र साधना बताया है। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि “योग के विस्तार ने पूरी दुनिया के सामने भारत की नई छवि रखी है।”
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वयं के माध्यम से स्वयं तक पहुंचने की यात्रा है। उन्होंने लोगों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और नई ऊर्जा प्रदान करता है।
देश में योग को लेकर लोगों के बीच लगातार जागरूकता बढ़ रही है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा योग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। आयुष मंत्रालय भी “योग 365” अभियान के तहत लोगों को प्रतिदिन योग से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। सरकार का उद्देश्य योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार अपने संबोधनों में कहा है कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से दुनिया के अनेक देशों में बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत की पहल पर वर्ष 2015 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था और तब से यह वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है।
योग दिवस 2025 की थीम “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” रखी गई थी, जिसमें मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच संबंध पर जोर दिया गया था। इस बार भी योग के जरिए स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और विश्व शांति का संदेश दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग तनाव कम करने और शरीर को फिट रखने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योग अभ्यास से न केवल बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि मन में सकारात्मक सोच भी विकसित होती है। यही कारण है कि भारत के साथ-साथ विदेशों में भी योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में सामूहिक योग कार्यक्रम, जागरूकता रैलियां और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।