नयी दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट विवाद को लेकर 23 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। छात्रों ने यह फैसला स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए और आगे की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से लिया।
आंदोलन में शामिल नेहा, मनीष और आमीन लंबे समय से नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों की मांग थी कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई जाए और छात्रों से जुड़े सवालों पर सरकार गंभीरता से कदम उठाए।
छात्रों ने स्पष्ट किया कि अनशन खत्म करने के बाद भी उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब वे आगे की रणनीति तैयार करेंगे और छात्रों की मांगों को लेकर अभियान को नए तरीके से आगे बढ़ाएंगे।
बताया जा रहा है कि अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज समेत कई लोगों ने छात्रों से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की थी। इसके बाद छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया।
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। विपक्षी नेताओं ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं और परीक्षार्थियों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। नेताओं ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
नीट विवाद को लेकर संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक बहस जारी है। विपक्ष जहां छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है।