• होम
  • दिल्ली/NCR
  • राष्ट्रपति सुरक्षा सेल की कमान संभालते ही गांव पहुंचे IPS जितेंद्र

राष्ट्रपति सुरक्षा सेल की कमान संभालते ही गांव पहुंचे IPS जितेंद्र

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज विकासखंड अंतर्गत बालभीटी गांव के लिए सोमवार का दिन गर्व और उत्साह से भरा रहा। गांव के होनहार बेटे और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी जितेंद्र मणि त्रिपाठी को राष्ट्रपति सुरक्षा सेल का प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार उनके पैतृक गांव आगमन पर […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 20, 2026 8:00 pm IST, Published 21 hours ago

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज विकासखंड अंतर्गत बालभीटी गांव के लिए सोमवार का दिन गर्व और उत्साह से भरा रहा। गांव के होनहार बेटे और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी जितेंद्र मणि त्रिपाठी को राष्ट्रपति सुरक्षा सेल का प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार उनके पैतृक गांव आगमन पर ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। फूल-मालाओं, जयघोष और सम्मान समारोह के बीच पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने इसे गांव ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।

गांव पहुंचते ही जितेंद्र मणि त्रिपाठी का स्वागत पुष्पवर्षा और मालाओं से किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों, युवाओं, बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की। गांव के लोगों ने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और ईमानदारी से देश की सर्वोच्च सुरक्षा व्यवस्था तक पहुंचने वाले अधिकारी पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए आईपीएस अधिकारी जितेंद्र मणि त्रिपाठी भावुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि गांव की मिट्टी, यहां का अपनापन और लोगों का स्नेह उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे व्यक्ति कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही शुरू हुई और आज जो भी सफलता मिली है, उसमें गांव के लोगों का आशीर्वाद और माता-पिता के संस्कारों की अहम भूमिका रही है।

उन्होंने युवाओं से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और आत्मविश्वास बना रहे तो किसी भी परीक्षा या चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सकारात्मक सोच, अनुशासन और समय प्रबंधन का विशेष महत्व बताते हुए कहा कि असफलता से घबराने की बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

जितेंद्र मणि त्रिपाठी की शैक्षणिक यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बालभीटी के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद गोरखपुर के जुबली इंटर कॉलेज से हाईस्कूल प्रथम श्रेणी में तथा इंटरमीडिएट उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण किया। आगे की पढ़ाई के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में जाने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में लगातार मेहनत करते रहे।

भारतीय पुलिस सेवा में चयन से पहले उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक विकास आयुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। बाद में भारतीय पुलिस सेवा में चयन होने के बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। दिल्ली पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त, सर्वोच्च न्यायालय सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व तथा दिल्ली पुलिस अकादमी में पुलिस उपयुक्त सहित कई अहम पदों पर उनकी सेवाएं सराही गईं।

हाल ही में उन्हें राष्ट्रपति सुरक्षा सेल का प्रभारी बनाए जाने की जिम्मेदारी मिली है, जिसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील पद माना जाता है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गोरखपुर जिले और पूर्वांचल का सम्मान बढ़ाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का एक साधारण छात्र आज देश की सर्वोच्च सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहा है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का विषय है।

जितेंद्र मणि त्रिपाठी का परिवार भी प्रशासनिक सेवाओं में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उनके छोटे भाई धर्मेंद्र मणि त्रिपाठी भी पीसीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व निभा रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी न्यायिक, प्रशासनिक एवं तकनीकी सेवाओं में कार्यरत हैं। यही कारण है कि यह परिवार शिक्षा, अनुशासन और सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है।

स्वागत समारोह में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि जितेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि संकल्प मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से क्षेत्र के अधिक से अधिक युवा सिविल सेवा, पुलिस सेवा और अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित होंगे।

कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद, समाजसेवी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने उन्हें राष्ट्रपति सुरक्षा सेल की नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह का समापन सम्मान, अभिनंदन और युवाओं को प्रेरित करने वाले संदेशों के साथ हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जितेंद्र मणि त्रिपाठी की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे गांव, जिले और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनका संघर्ष और सफलता यह संदेश देती है कि शिक्षा, मेहनत और ईमानदारी के बल पर किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है। यही कारण है कि उनका गांव आगमन एक सम्मान समारोह से बढ़कर प्रेरणा का उत्सव बन गया।

Advertisement