नई दिल्ली: लंबे इंतजार के बाद मानसून ने पूरे देश में फिर से रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक जम्मू-कश्मीर से लेकर असम तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है।
आईएमडी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 3 से 4 दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक के तटीय क्षेत्र और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं।
पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश के चलते बादल फटने, फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
जून महीने में देशभर में सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश से कुछ सुधार हुआ, लेकिन दूसरे सप्ताह में बारिश कम होने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी। अब मानसून की वापसी से खेती-किसानी को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और वर्षा का संतुलन बेहतर हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय मानसूनी ट्रफ राजस्थान के गंगानगर से रोहतक, सुल्तानपुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इन मौसमी प्रणालियों के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि 23 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय बना रहेगा। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।