चंडीगढ़। पंजाब ने स्कूली शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) को शामिल करते हुए एक नई पहल की है। राज्य सरकार ने पहली से 12वीं कक्षा तक एआई को चरणबद्ध तरीके से पढ़ाने का निर्णय लिया है। इस पहल के साथ पंजाब पूरे देश में ऐसा कदम उठाने वाला पहला राज्य बन गया है, जहां एआई को स्कूली शिक्षा का हिस्सा बनाया जा रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह कार्यक्रम ‘सरबत.एआई’ परियोजना के तहत लागू किया जाएगा। पहले चरण में सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की 8वीं से 12वीं कक्षा के कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम में एआई को शामिल किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में पहली से 7वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए उनकी आयु और समझ के अनुरूप एआई आधारित अध्ययन सामग्री तैयार कर पढ़ाई शुरू की जाएगी।
इस नई व्यवस्था का लाभ राज्य के 25 हजार से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 31.5 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा। पहले चरण में 12 हजार से अधिक कंप्यूटर साइंस शिक्षक इस पाठ्यक्रम को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शिक्षकों को नई तकनीक और पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि पाठ्यक्रम तैयार करते समय सिंगापुर, फिनलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसी शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन किया गया है। साथ ही इसे यूनेस्को के एथिकल एआई फ्रेमवर्क के अनुरूप विकसित किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को तकनीक के साथ-साथ उसके जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग की भी जानकारी मिल सके।
स्कूली स्तर पर एआई शिक्षा शुरू होने से विद्यार्थियों में तकनीकी समझ, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी। भविष्य में रोजगार और डिजिटल अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों को देखते हुए यह पहल छात्रों को नई तकनीकों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में मददगार साबित हो सकती है।