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1 अगस्त से टोकन लेकर ही मिलेगा काउंटरों पर तत्काल टिकट

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे से तत्काल टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 अगस्त 2026 से महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों, अव्यवस्था और दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से नई टोकन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया […]

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Gauravshali Bharat News
  • July 29, 2026 6:03 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे से तत्काल टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 अगस्त 2026 से महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों, अव्यवस्था और दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से नई टोकन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई प्रणाली के तहत अब तत्काल टिकट बुक कराने के लिए यात्रियों को पहले टोकन लेना होगा, जिसके बाद निर्धारित क्रम में ही टिकट जारी किए जाएंगे।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनेगी। इससे आम यात्रियों को बिना धक्का-मुक्की और अनावश्यक भीड़ के टिकट बुक कराने का अवसर मिलेगा।

नई व्यवस्था के अनुसार रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट बुक कराने से पहले यात्रियों को टोकन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। टोकन मिलने के बाद उसी क्रम में यात्रियों को काउंटर पर बुलाया जाएगा और उनका टिकट बनाया जाएगा। इससे एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ काउंटर पर नहीं लगेगी।

रेलवे ने प्रत्येक काउंटर के लिए टोकन की संख्या भी निर्धारित कर दी है। एसी तत्काल टिकट के लिए प्रति काउंटर अधिकतम 10 टोकन जारी किए जाएंगे, जबकि स्लीपर क्लास के तत्काल टिकट के लिए 15 टोकन तक दिए जाएंगे। सीमित टोकन जारी होने से काउंटरों पर अनियंत्रित भीड़ कम होगी और टिकट वितरण अधिक सुव्यवस्थित रहेगा।

टोकन लेने का समय भी तय

नई व्यवस्था में टोकन वितरण का समय भी निर्धारित किया गया है। एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक टोकन दिए जाएंगे। वहीं स्लीपर तत्काल टिकट के लिए सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे तक टोकन जारी किए जाएंगे।  यात्रियों को निर्धारित समय के भीतर काउंटर पर पहुंचकर टोकन लेना होगा। इसके बाद टोकन नंबर के अनुसार टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पहचान पत्र होगा अनिवार्य

रेलवे ने टिकट दलालों और फर्जी बुकिंग पर रोक लगाने के लिए पहचान सत्यापन को भी अनिवार्य कर दिया है। अब टोकन प्राप्त करने के लिए यात्री को अपना मूल आधार कार्ड या कोई अन्य वैध फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके साथ यात्रा का पूरा विवरण भी देना होगा। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी यात्री को टोकन जारी नहीं किया जाएगा।

रेलवे का मानना है कि इस कदम से एक ही व्यक्ति द्वारा कई टिकट बुक कराने या फर्जी पहचान के जरिए टिकट लेने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

ऑनलाइन टिकट नियमों में कोई बदलाव नहीं

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल रिजर्वेशन काउंटरों से बुक होने वाले तत्काल टिकटों पर लागू होगा। ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग करने वाले यात्रियों के लिए वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी तरह तत्काल टिकट बुकिंग का निर्धारित समय भी पहले की तरह ही रहेगा।

नई टोकन प्रणाली लागू होने के बाद स्टेशन के टिकट काउंटरों पर सुबह-सुबह लगने वाली लंबी कतारों में कमी आने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को घंटों लाइन में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी और टिकट वितरण अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ दलालों की भूमिका को भी सीमित करेगी। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दूरदराज से आने वाले यात्रियों को भी अधिक सुविधा मिलने की संभावना है।

भारतीय रेलवे समय-समय पर टिकट बुकिंग व्यवस्था में सुधार के लिए नए कदम उठाता रहा है। 1 अगस्त से लागू होने वाली यह नई टोकन प्रणाली भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में इसे अन्य रेलवे जोनों में भी व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।

 


 

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