सावन का पहला दिन: योगी ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

 शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ वाराणसी। सावन माह के पहले दिन गुरुवार सुबह से ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, गोरखपुर सहित कई शहरों के शिवालयों में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। […]

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  • July 30, 2026 10:14 am IST, Published 15 seconds ago

 शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

वाराणसी। सावन माह के पहले दिन गुरुवार सुबह से ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, गोरखपुर सहित कई शहरों के शिवालयों में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। बाबा विश्वनाथ का विशेष फूलों से श्रृंगार किया गया। सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और दर्शन किए। मंदिर प्रशासन के अनुसार, मंगला आरती के बाद से अब तक 50 हजार से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब साढ़े आठ बजे वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन और आरती की। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक किया और भस्म अर्पित की।

दर्शन के बाद मुख्यमंत्री काशी की गलियों में भी निकले और स्थानीय दुकानदारों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने एक दुकान पर बैठे बच्चे को चॉकलेट देकर उसका हालचाल भी जाना। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मंदिर प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पूरे सावन माह में काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन पर रोक रहेगी, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।

वहीं सावन की शुरुआत के साथ प्रदेशभर की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर कांवड़ यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी है। कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर बरेली में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें डीजीपी राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव एस.पी. गोयल और नौ जिलों के जिलाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में कांवड़ यात्रा से संबंधित नई गाइडलाइन जारी की जा सकती हैं।

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