नई दिल्ली: मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियां लगातार नई रणनीतियां अपनाती रहती हैं, लेकिन अपराधी भी कानून से बचने के लिए नए-नए तरीके खोज लेते हैं। हाल ही में सामने आया एक मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी हैरान करने वाला साबित हुआ, जिसमें तस्करों ने जेल के भीतर नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए एक बिल्ली का इस्तेमाल किया। इस अनोखे और चौंकाने वाले तरीके ने जेल प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, तस्करों ने एक पालतू बिल्ली के गले में विशेष रूप से तैयार किया गया पैकेट बांध दिया था। इस पैकेट में नशीले पदार्थ छिपाकर उसे जेल परिसर की ओर भेजा गया। माना जा रहा था कि बिल्ली बिना किसी संदेह के जेल के अंदर पहुंच जाएगी और वहां मौजूद कैदियों तक ड्रग्स पहुंचा देगी। हालांकि, जेल अधिकारियों की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था के कारण यह पूरी साजिश समय रहते नाकाम हो गई।
सुरक्षा कर्मियों की नजर से बच नहीं पाई बिल्ली
बताया जा रहा है कि जेल परिसर के आसपास घूम रही बिल्ली की गतिविधियां सुरक्षा कर्मियों को संदिग्ध लगीं। जब उन्होंने बिल्ली को पकड़ा और उसके गले में बंधे पैकेट की जांच की तो उसमें नशीले पदार्थ बरामद हुए। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह कोई पहली घटना नहीं हो सकती और इससे पहले भी इस तरह के तरीके अपनाए गए हों।
जेल प्रशासन ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिल्ली को किसने छोड़ा और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
अपराधियों के नए हथकंडे बने चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल गिरोह लगातार ऐसे तरीके अपनाते हैं जिन पर सामान्य तौर पर किसी को संदेह न हो। कभी वाहनों के गुप्त हिस्सों में ड्रग्स छिपाए जाते हैं तो कभी खाद्य पदार्थों, कपड़ों या अन्य सामान में। लेकिन किसी जानवर का इस्तेमाल करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन सकता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधी इस सोच के साथ जानवरों का इस्तेमाल करते हैं कि उन पर किसी का ध्यान नहीं जाएगा। हालांकि, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी और आधुनिक निगरानी प्रणाली ऐसे प्रयासों को विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जेलों में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
दुनिया के कई देशों में जेलों के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए ड्रोन, रस्सियों, भोजन के पैकेट और अन्य तरीकों का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामलों में कबूतरों और अन्य जानवरों का भी उपयोग किए जाने की खबरें आई हैं। हालांकि, बिल्ली के जरिए नशीले पदार्थ पहुंचाने की घटना ने एक बार फिर जेल सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा तेज कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेल परिसरों के आसपास रहने वाले जानवरों की भी निगरानी की जानी चाहिए ताकि अपराधी उनका दुरुपयोग न कर सकें।
जांच एजेंसियां तलाश रही नेटवर्क
मामले के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुट गई हैं कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था। यह भी जांच की जा रही है कि जेल के अंदर किसी व्यक्ति की इसमें भूमिका तो नहीं थी। यदि अंदर और बाहर के लोगों की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच अधिकारियों का कहना है कि बरामद नशीले पदार्थों की गुणवत्ता और मात्रा की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। साथ ही मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों ने जेल परिसर की निगरानी बढ़ाने, अतिरिक्त गश्त लगाने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कर्मचारियों को भी सतर्क रहने और किसी भी असामान्य गतिविधि की तत्काल सूचना देने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधी लगातार नए तरीके अपनाते रहेंगे, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों को भी तकनीक, प्रशिक्षण और सतर्कता के स्तर को लगातार बेहतर बनाना होगा।
ड्रग्स तस्करी पर सख्ती जरूरी
मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून व्यवस्था का ही नहीं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती भी है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सरकारें लगातार अभियान चला रही हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अपराधी अपने नेटवर्क को बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को भविष्य में ऐसे असामान्य तरीकों से निपटने के लिए और अधिक सतर्क रहने का संदेश भी दिया है।