नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कथित हिंसा और नागरिकों पर बल प्रयोग को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का प्रशासन शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत को PoJK में नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग और हिंसक कार्रवाई की खबरों पर गंभीर चिंता है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई में 40 से अधिक निर्दोष लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं मानी जा सकती।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के प्रशासन का रवैया नागरिकों के प्रति बेहद कठोर दिखाई देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों को “दुश्मन” बताए जाने संबंधी बयान गंभीर चिंता का विषय है। भारत का कहना है कि किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है, न कि असहमति जताने वालों के खिलाफ दमनात्मक कदम उठाना।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लोग अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं, तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए। हिंसा या बल प्रयोग से समस्याओं का समाधान नहीं निकलता, बल्कि इससे हालात और अधिक जटिल हो सकते हैं।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में वैश्विक संस्थाओं और देशों को निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। भारत ने मांग की है कि PoJK में हुई घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पक्षों की जवाबदेही तय की जाए।
हाल के घटनाक्रम के बाद यह मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ सकता है। भारत का कहना है कि मानवाधिकारों और नागरिक सुरक्षा के मुद्दों पर दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए और जहां भी निर्दोष लोगों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग की आशंका हो, वहां पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नागरिकों के अधिकारों के सम्मान का पक्षधर है। साथ ही उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह PoJK की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दे और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए।