अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक, 10 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी को शस्त्र लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और संबंधित अभिलेखों के गायब होने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि, यह राहत अंतिम फैसला नहीं है और मामले की […]

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  • August 3, 2026 1:45 pm IST, Published 1 hour ago

प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी को शस्त्र लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और संबंधित अभिलेखों के गायब होने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि, यह राहत अंतिम फैसला नहीं है और मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को निर्धारित की गई है।

यह मामला गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायत में शस्त्र लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और उससे संबंधित सरकारी पत्रावली के गायब होने के आरोप लगाए गए हैं। इसी एफआईआर को चुनौती देते हुए अफजाल अंसारी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मुकदमे को निरस्त करने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार, प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस अधीक्षक गाजीपुर, कोतवाली थाना प्रभारी और संबंधित जांच अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि उनके खिलाफ दर्ज मामला तथ्यों और कानून के अनुरूप नहीं है तथा उन्हें अनावश्यक रूप से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इसी आधार पर मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी से संरक्षण देने की मांग की गई।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद अंतरिम राहत देते हुए अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश फिलहाल अंतरिम प्रकृति का है और मामले के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी। उस दिन अदालत जांच की स्थिति, राज्य सरकार का पक्ष और याचिकाकर्ता की दलीलों पर विस्तृत विचार करेगी। इसके बाद यह तय होगा कि अंतरिम राहत आगे भी जारी रहेगी या नहीं तथा मुकदमे को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अफजाल अंसारी उत्तर प्रदेश की सक्रिय राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं। ऐसे में हाई कोर्ट का यह अंतरिम आदेश राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि गिरफ्तारी पर रोक का अर्थ आरोपों से मुक्ति नहीं होता। अदालत केवल यह सुनिश्चित करती है कि अंतिम सुनवाई तक याचिकाकर्ता के अधिकारों की रक्षा हो सके।

अब सभी की निगाहें 10 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के अगले आदेश से यह स्पष्ट होगा कि जांच और मुकदमे की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी। फिलहाल अफजाल अंसारी को गिरफ्तारी से अस्थायी राहत मिल गई है, लेकिन मामले का अंतिम कानूनी निष्कर्ष अभी आना बाकी है।

 

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