बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा पर निकली तमन्ना को कोर्ट का नोटिस

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कुछ महीने पहले बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तमन्ना मलिक एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी यात्रा नहीं, बल्कि अदालत की ओर से जारी किया गया नोटिस है। आगामी सावन कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित शांति व्यवस्था को […]

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  • August 4, 2026 8:24 pm IST, Published 1 hour ago

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कुछ महीने पहले बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तमन्ना मलिक एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी यात्रा नहीं, बल्कि अदालत की ओर से जारी किया गया नोटिस है। आगामी सावन कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन को नोटिस जारी कर कारण बताने को कहा है। इस कार्रवाई के बाद मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है और सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित विवाद से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाओं को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में महाशिवरात्रि के अवसर पर तमन्ना मलिक बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर संभल पहुंची थीं। उन्होंने संभल स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उस दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। जहां कुछ लोगों ने इसे धार्मिक सौहार्द का संदेश बताया, वहीं कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था।

उस समय तमन्ना मलिक ने आरोप लगाया था कि जलाभिषेक के बाद उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से धमकियां मिलीं। उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर भी कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरती गई थी।

अब सावन माह शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, एसडीएम न्यायालय की ओर से तमन्ना मलिक और उनके पति अमन को नोटिस जारी कर कारण बताने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने दोनों को 20 हजार रुपये के मुचलके पर पाबंद भी किया है। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर की गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह निवारक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य किसी की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को बनाए रखना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कार्यक्रम या गतिविधि से सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका होती है तो कानून के तहत आवश्यक कदम उठाना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।

इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक वर्ग प्रशासन के फैसले को एहतियाती कदम बता रहा है, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी सभी समुदायों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करना होती है। ऐसे मामलों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने से किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सकता है।

फिलहाल तमन्ना मलिक या उनके पति की ओर से नोटिस पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि वे नियमानुसार अदालत के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने साफ किया है कि पूरे सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति को समय रहते रोका जा सके।

प्रशासन ने आम नागरिकों और कांवड़ यात्रियों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

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