समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में पैदा हुए संकटों का समाधान सरकार बदलने से ही संभव है। उन्होंने भाजपा को ही मौजूदा समस्याओं की वजह बताते हुए जनता से बदलाव की अपील की।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में शिक्षा व्यवस्था, कथित घोटालों और विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सरकार के कार्यकाल में हजारों स्कूल बंद हो सकते हैं और विपक्ष की ओर से चलाए जा रहे PDA पाठशाला अभियान पर कार्रवाई हो सकती है, उससे बेहतर प्रशासन की उम्मीद नहीं की जा सकती।
सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार की नीतियों से आम जनता, छात्र और गरीब वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय कई स्कूलों को बंद किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि PDA पाठशाला जैसे प्रयासों पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
उन्होंने अंग्रेजों के शासन का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह की कार्रवाई वर्तमान सरकार कर रही है, वैसा कदम अंग्रेजों के समय में भी नहीं उठाया गया था। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अपनी नीतियों के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है।
अखिलेश यादव ने खाने से जुड़े कथित घोटालों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में कई योजनाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता के हित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता नहीं होगी तो बड़े विकास कार्यों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब छोटे स्तर की योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं तो बड़े प्रोजेक्ट भी सवालों के घेरे में आ सकते हैं। हालांकि सरकार की ओर से विपक्ष के इन आरोपों पर पहले भी कई बार जवाब दिया गया है और विकास कार्यों को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनाई गई हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में जनता कई समस्याओं से जूझ रही है और इनका समाधान केवल राजनीतिक बदलाव से ही संभव है। उन्होंने भाजपा को हटाने का आह्वान करते हुए कहा कि मौजूदा संकट को खत्म करने के लिए उस व्यवस्था को बदलना जरूरी है, जिससे ये समस्याएं पैदा हो रही हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अखिलेश यादव का यह बयान आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए भाजपा सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सपा लगातार शिक्षा, रोजगार, महंगाई और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरती रही है।
वहीं भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया जाता रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं और सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है।
फिलहाल, अखिलेश यादव के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। शिक्षा, विकास परियोजनाओं और कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दे आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रह सकते हैं।