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जीरो ऑयल कुकिंग सेहत का नया ट्रेंड, जानिए इसके बड़े फायदे

नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली, बढ़ते मोटापे और हृदय रोगों जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोग अब खानपान को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं। फिटनेस और हेल्दी डाइट की इस बढ़ती जागरूकता के बीच ‘जीरो ऑयल कुकिंग’ तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कई लोग वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने और हृदय […]

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  • August 8, 2026 12:00 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली, बढ़ते मोटापे और हृदय रोगों जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोग अब खानपान को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं। फिटनेस और हेल्दी डाइट की इस बढ़ती जागरूकता के बीच ‘जीरो ऑयल कुकिंग’ तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कई लोग वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बिना तेल या बेहद कम तेल में बना भोजन अपनाने लगे हैं। हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि जीरो ऑयल कुकिंग क्या है, इसके फायदे क्या हैं और क्या इसे हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।

क्या है जीरो ऑयल कुकिंग?

जीरो ऑयल कुकिंग का अर्थ है भोजन तैयार करते समय तेल या घी का उपयोग न करना। इसमें सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों को उनकी प्राकृतिक नमी, पानी, सब्जियों के स्टॉक, भाप या नॉन-स्टिक बर्तनों की मदद से पकाया जाता है। स्वाद बनाए रखने के लिए नींबू, अदरक, लहसुन, काली मिर्च, ताजी जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक मसालों का उपयोग किया जाता है।

इस पद्धति का उद्देश्य केवल तेल हटाना नहीं, बल्कि भोजन में अतिरिक्त कैलोरी और अनावश्यक वसा को कम करना भी है।

क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में तले-भुने और अधिक तेल वाले भोजन का सेवन कई बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में कम तेल या बिना तेल का भोजन अपनाने से शरीर पर अतिरिक्त वसा का बोझ कम पड़ सकता है। यही वजह है कि फिटनेस पसंद करने वाले लोग, वजन घटाने की कोशिश कर रहे व्यक्ति और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज इस तरीके की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

हृदय के लिए कैसे फायदेमंद?

अधिक मात्रा में संतृप्त (सैचुरेटेड) और ट्रांस फैट का सेवन लंबे समय तक हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यदि भोजन कम तेल में तैयार किया जाए तो ऐसे फैट का सेवन घट सकता है, जिससे हृदय संबंधी जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह तभी अधिक प्रभावी होता है जब इसके साथ संतुलित जीवनशैली और नियमित व्यायाम भी शामिल हो।

 

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वजन घटाने में मददगार

तेल कैलोरी का बड़ा स्रोत होता है। एक चम्मच तेल में भी पर्याप्त कैलोरी होती है। यदि भोजन बिना तेल के तैयार किया जाए तो कुल कैलोरी का सेवन कम हो सकता है। संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ यह वजन नियंत्रण में सहायक साबित हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में भूमिका

उच्च एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल हृदय रोगों के प्रमुख कारणों में गिना जाता है। कम तेल वाला भोजन अतिरिक्त वसा के सेवन को कम करने में मदद करता है, जिससे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, केवल भोजन में बदलाव पर्याप्त नहीं होता। नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह भी आवश्यक है।

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए उपयोगी

उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को अक्सर कम नमक और कम तेल वाला भोजन लेने की सलाह दी जाती है। हल्का और कम वसा वाला भोजन रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए जीरो ऑयल कुकिंग को स्वस्थ खानपान की दिशा में एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

डायबिटीज में क्या है लाभ?

साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां और कम तेल वाला भोजन संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि भोजन कम वसा वाला हो और उसमें पर्याप्त फाइबर मौजूद हो, तो यह रक्त शर्करा के बेहतर प्रबंधन में सहायक हो सकता है। इसी कारण कई पोषण विशेषज्ञ मधुमेह रोगियों को कम तेल वाले भोजन की सलाह देते हैं।

ऐसे करें जीरो ऑयल कुकिंग

यदि आप इस पद्धति को अपनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान उपाय मददगार हो सकते हैं—

  • नॉन-स्टिक या अच्छी गुणवत्ता वाले बर्तन इस्तेमाल करें।
  • सब्जियों को पानी या वेजिटेबल स्टॉक में पकाएं।
  • स्टीमिंग, उबालना, बेकिंग और ग्रिलिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करें।
  • स्वाद के लिए नींबू, धनिया, पुदीना, अदरक, लहसुन और प्राकृतिक मसालों का प्रयोग करें।
  • तली हुई चीजों की जगह स्टीम या ग्रिल किए गए व्यंजन चुनें।

 

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क्या बिना तेल का खाना स्वादिष्ट हो सकता है?

अक्सर लोगों को लगता है कि बिना तेल का भोजन स्वादहीन होगा, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। यदि ताजी सामग्री, सही मसालों और उचित पकाने की तकनीक का इस्तेमाल किया जाए तो बिना तेल की सब्जियां, दाल, सूप, इडली, ढोकला, कटलेट और कई अन्य व्यंजन स्वादिष्ट बन सकते हैं।

क्या पूरी तरह तेल छोड़ देना सही है?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर को सीमित मात्रा में स्वस्थ वसा (Healthy Fats) की आवश्यकता होती है। बादाम, अखरोट, अलसी, चिया सीड्स, एवोकाडो और सीमित मात्रा में सरसों, मूंगफली या ऑलिव ऑयल जैसे स्रोत शरीर के लिए लाभदायक माने जाते हैं।

इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के पूरी तरह तेल बंद करना हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों की पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं।

किन लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

यदि किसी व्यक्ति को गंभीर बीमारी, कुपोषण, हार्मोन संबंधी समस्या, गर्भावस्था या अन्य विशेष चिकित्सकीय स्थिति है, तो भोजन में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

जीरो ऑयल कुकिंग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में एक उपयोगी विकल्प हो सकती है। इससे अतिरिक्त कैलोरी और अनावश्यक वसा का सेवन कम करने में मदद मिल सकती है, जो वजन नियंत्रण, हृदय स्वास्थ्य और संतुलित खानपान के लिए लाभदायक हो सकता है। हालांकि, स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक वसा की जरूरत को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए पूरी तरह तेल छोड़ने के बजाय संतुलित मात्रा में हेल्दी फैट का सेवन और संतुलित आहार अपनाना अधिक उचित माना जाता है। किसी भी बड़े आहार परिवर्तन से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

 

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