ममता बनर्जी ने नेताजी को बताया महान नेता, BJP पर साधा निशाना

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को देश के महानतम नेताओं में शामिल बताते हुए उनके सम्मान और विरासत को लेकर जोरदार बात रखी। कोलकाता में नेताजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा कि देश की आजादी के लिए सुभाष चंद्र बोस ने जिस […]

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  • August 11, 2026 6:30 pm IST, Published 1 hour ago

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को देश के महानतम नेताओं में शामिल बताते हुए उनके सम्मान और विरासत को लेकर जोरदार बात रखी। कोलकाता में नेताजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा कि देश की आजादी के लिए सुभाष चंद्र बोस ने जिस साहस और त्याग का परिचय दिया, उसे आने वाली पीढ़ियां कभी नहीं भूल सकतीं।

ममता बनर्जी ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोग नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में आपत्तिजनक बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से वह सहमत नहीं हैं और उनकी पार्टी इसकी निंदा करती है। ममता ने कहा कि नेताजी का सम्मान केवल किसी एक राजनीतिक दल या क्षेत्र तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि वह पूरे देश की विरासत हैं।

ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके साथ मौजूद लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए। ममता ने भी ‘जय हिंद’ का उद्घोष किया और देशभक्ति गीत के जरिए नेताजी के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए।

ममता बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनके योगदान को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में कई लोगों ने अपने जीवन और परिवार की चिंता किए बिना देश के लिए संघर्ष किया। उन्होंने नेताजी के साहस, नेतृत्व और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जिक्र करते हुए कहा कि उनका संघर्ष देश के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ममता ने यह भी कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की आलोचना या अपमान को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में केवल सुभाष चंद्र बोस का ही उल्लेख नहीं किया, बल्कि देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तित्वों को भी याद किया। उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, रवींद्रनाथ टैगोर और मौलाना अबुल कलाम आजाद समेत कई महान नेताओं के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह और देश के लिए संघर्ष करने वाले अन्य महापुरुषों को भी श्रद्धांजलि दी।

ममता का कहना था कि भारत के इतिहास और राष्ट्र निर्माण में अलग-अलग व्यक्तित्वों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उनके योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए। ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में राष्ट्रवादी प्रतीकों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर राजनीतिक बहस अक्सर तेज होती रहती है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस पश्चिम बंगाल की राजनीति और जनभावना से गहराई से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनके सम्मान को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ममता ने कहा कि देशभक्ति केवल मंच पर कार्यक्रम आयोजित करने या औपचारिक श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों के विचारों और संघर्ष को दिल से समझना जरूरी है। उन्होंने अपने संबोधन का समापन देशभक्ति की भावना से जुड़े संदेश के साथ किया और भारत की एकता तथा राष्ट्र के प्रति सम्मान की बात कही। ममता बनर्जी के बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत और उनके सम्मान को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

 

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