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जेल में प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल-पेन ड्राइव मिलने से बढ़ी मुश्किलें

बेंगलुरु: कर्नाटक के चर्चित यौन अपराध मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में जांच के दौरान उनके पास से कथित तौर पर एक मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद होने की जानकारी सामने आई है। […]

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  • August 12, 2026 4:30 pm IST, Published 52 minutes ago

बेंगलुरु: कर्नाटक के चर्चित यौन अपराध मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में जांच के दौरान उनके पास से कथित तौर पर एक मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद होने की जानकारी सामने आई है। मामले की जानकारी जेल प्रशासन की ओर से दिए जाने के बाद केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) ने जांच शुरू कर दी है।

बताया गया है कि CCB की टीम ने जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया था। इसी दौरान प्रज्वल रेवन्ना के पास से मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिलने की बात सामने आई। जेल में बंद कैदी के पास मोबाइल फोन पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल माना जा रहा है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पेन ड्राइव का इस्तेमाल किस उपकरण के जरिए किया जा रहा था। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि क्या प्रज्वल के पास मोबाइल के अलावा किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तक भी पहुंच थी। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी लैपटॉप या अन्य उपकरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ड्यूटी में कथित लापरवाही के आरोप में जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित किया गया है। इसके अलावा प्रज्वल रेवन्ना की सेल से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर एक अन्य अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।

अब जांच का दायरा केवल बरामद सामान तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि मोबाइल फोन और पेन ड्राइव प्रज्वल तक कब और किस माध्यम से पहुंचे। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि क्या जेल के किसी कर्मचारी या बाहर के व्यक्ति ने उन्हें किसी तरह की सहायता पहुंचाई थी।

प्रज्वल रेवन्ना फिलहाल एक बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसे अगस्त 2025 में अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। यह मामला उस समय सामने आया था जब एक महिला ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में यौन उत्पीड़न और धमकी सहित गंभीर आरोप लगाए गए थे।

अदालत की कार्यवाही के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न आरोपों पर सुनवाई हुई थी। प्रज्वल के खिलाफ बलात्कार, ताक-झांक, आपराधिक धमकी और अश्लील सामग्री से संबंधित आरोपों में दोषसिद्धि हुई थी। वह फिलहाल इसी मामले में जेल की सजा काट रहा है।

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ अन्य आपराधिक मामले भी लंबित बताए जाते हैं। ऐसे में जेल के अंदर मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिलने की घटना उनके लिए एक नई कानूनी और प्रशासनिक परेशानी पैदा कर सकती है। हालांकि, नई बरामदगी से उनके खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं, यह जांच के निष्कर्ष और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

जेल में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मौजूदगी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। जेल प्रशासन के लिए यह पता लगाना जरूरी होगा कि सुरक्षा जांच के बावजूद ये सामान अंदर कैसे पहुंचे। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल CCB की जांच में यह स्पष्ट करने पर जोर रहेगा कि बरामद मोबाइल और पेन ड्राइव का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और जेल के भीतर इनके इस्तेमाल की अनुमति या सुविधा कैसे मिली। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और जिम्मेदार लोगों की तस्वीर साफ हो सकेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जेलों में हाई-प्रोफाइल कैदियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब सबकी नजर CCB की जांच और जेल प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।

 

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