अंबाला। हरियाणा के अंबाला में गुरुवार को सिखों और किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर टकराव हुआ। प्रदर्शनकारी पंजाब के खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हुए हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग को लेकर दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे थे।
दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया था। शाम को पुलिस ने जब रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया। इस दौरान अंबाला के DSP वीरेंद्र का अंगूठा कटने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, 6-7 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की सूचना है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कराया।
प्रदर्शनकारी गुरसिमरन सिंह मंड पर FIR दर्ज करने और मामले में गिरफ्तार दो युवकों को रिहा करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने बाद में मंड के खिलाफ FIR दर्ज कर ली, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने दो साथियों की तत्काल रिहाई की मांग पर अड़े रहे।
अंबाला SP अजित सिंह शेखावत के मुताबिक, पुलिस ने देर रात कार्रवाई कर हाईवे पर यातायात बहाल करा दिया।
मामले की शुरुआत 7 अगस्त को हुई थी। बताया गया कि इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड अंबाला के पंजोखरा गुरुद्वारे पहुंचे थे। आरोप है कि उनकी गाड़ी से कुछ लोगों को टक्कर लगने के बाद विवाद शुरू हुआ और भीड़ तथा कुछ निहंगों ने मंड के साथ मारपीट की।
हमले में मंड समेत चार लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। मंड ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने उनसे खालिस्तान समर्थक नारे लगाने को कहा और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
मंड की शिकायत के आधार पर अंबाला पुलिस ने मामला दर्ज कर कलरहेड़ी गांव के दो युवकों को हिरासत में लिया था। इसके विरोध में गुरुवार दोपहर पंजोखरा गुरुद्वारे में सिखों और किसानों की बैठक हुई।
बैठक के बाद प्रदर्शनकारी हाईवे की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और हाईवे जाम कर दिया गया।
रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने की कोशिश की। मंड के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग मान ली गई, लेकिन गिरफ्तार युवकों की तत्काल रिहाई को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
प्रदर्शनकारी हाईवे से हटने को तैयार नहीं हुए, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भीड़ को हटाकर हाईवे पर फंसे वाहनों को निकाला गया।
घटना के बाद हरियाणा के DGP अजय सिंघल रात करीब 10 बजे अंबाला अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए इस टकराव के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। प्रशासन पूरे घटनाक्रम और हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है।