नई दिल्ली: पंजाब में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने के दावों पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य वास्तव में नशामुक्त हो चुका है तो इस उपलब्धि पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन यदि लक्ष्य अभी बाकी है तो सरकारों को इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों और उनके नतीजों पर ध्यान देना चाहिए।
हरभजन सिंह का कहना है कि पंजाब से जुड़े मुद्दों को संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर वह अपने राज्य से जुड़े गंभीर विषयों पर आवाज नहीं उठाएंगे तो उनके सांसद होने का उद्देश्य ही अधूरा रह जाएगा। उनके मुताबिक, नशे का मुद्दा केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं बल्कि पंजाब के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है।
इससे पहले हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में दो लोग सड़क पर असामान्य स्थिति में नजर आ रहे थे। सांसद ने वीडियो के साथ पंजाब में नशे की स्थिति और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई थी। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा हुई। कुछ यूजर्स ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की स्थिति को नशे से जोड़कर टिप्पणी की। हालांकि, इस वीडियो की लोकेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आम आदमी पार्टी के नेताओं और पंजाब पुलिस की ओर से दावा किया गया कि वीडियो पंजाब का नहीं, बल्कि राजस्थान का है।
ਨਜ਼ਰ ਲੱਗ ਗਈ ਯਾਰ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ… 💔
ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਕੀ ਹਾਲ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦਾ। ਰੋਣਾ ਆਉਂਦਾ ਏ ਇਹ ਸਭ ਦੇਖ ਕੇ। 😢
ਬਖ਼ਸ਼ ਦਿਓ ਮੇਰੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ… ਮਾਫ਼ ਕਰੋ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ। 🙏
ਕਿੱਥੇ ਲੈ ਆਏ ਓ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ?
ਜਿਹੜਾ ਪੰਜਾਬ ਕਦੇ ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ, ਹਿੰਮਤ ਤੇ ਬਹਾਦਰੀ ਲਈ ਜਾਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਸੀ, ਅੱਜ ਉਸੇ ਪੰਜਾਬ… pic.twitter.com/RAp3aYy0i2— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) August 10, 2026
ऐसे में वीडियो की वास्तविक लोकेशन और उससे जुड़े दावों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आईं। इस विवाद ने पंजाब में नशे के मुद्दे से ज्यादा सोशल मीडिया पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को भी हवा दे दी।वीडियो साझा करते हुए हरभजन सिंह ने पंजाब के युवाओं को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि राज्य के युवा बेहतर भविष्य के हकदार हैं और नशे की समस्या से निपटने के लिए ईमानदारी, जवाबदेही तथा प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
सांसद ने पंजाब के पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक गौरव का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को कभी जोश, साहस और बहादुरी के लिए जाना जाता था। ऐसे में युवाओं के बीच नशे की समस्या को गंभीरता से लेना जरूरी है। उन्होंने सरकारों से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। हरभजन सिंह का ताजा सवाल सीधे तौर पर पंजाब के ड्रग-फ्री होने के दावों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है तो सरकार को इसके आंकड़े और उपलब्धियां जनता के सामने रखनी चाहिए।
उनका कहना है कि केवल दावे करने से समस्या खत्म नहीं होगी। नशे की रोकथाम, अवैध सप्लाई पर कार्रवाई, युवाओं के पुनर्वास और जागरूकता जैसे क्षेत्रों में लगातार काम करना जरूरी है। वीडियो को लेकर AAP नेताओं और पुलिस के दावों के बाद राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच यह सवाल चर्चा में है कि पंजाब में नशे की वास्तविक स्थिति क्या है और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का जमीन पर कितना असर दिखाई दे रहा है।
हरभजन सिंह ने इस मुद्दे पर राजनीति से आगे बढ़कर समाधान पर ध्यान देने की बात कही है। उनके अनुसार, पंजाब के युवाओं को नशे से बचाना सभी राजनीतिक दलों और सरकारों की साझा जिम्मेदारी होनी चाहिए। फिलहाल वीडियो की लोकेशन को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों के बीच नशे के मुद्दे पर बहस जारी है। हरभजन सिंह का कहना है कि पंजाब को बचाने के लिए अब गंभीरता, पारदर्शिता और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में एक बार फिर प्रमुख बहस का विषय बन सकता है।