नई दिल्ली: पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी सरकार के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेता गौरव भाटिया ने दिल्ली में बयान देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने पंजाब को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से शुरू की गई ‘नशा-मुक्त पंजाब यात्रा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगा।
गौरव भाटिया ने अपने बयान में पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य पंजाब से नशे के कारोबार और उसके प्रभाव को खत्म करने के लिए जनजागरूकता और राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाना है। भाटिया ने इस दौरान ‘सूर्य अस्त, भगवंत चिट्टा मस्त’ जैसे नारे का इस्तेमाल करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को नशे के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो इस समस्या को सामने ला रहे हैं।
भाजपा नेता ने अपने बयान में जग्गा सिंह नाम के एक व्यक्ति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि जग्गा सिंह ने पंजाब में नशे और ड्रग्स के कथित कारोबार का मुद्दा उठाया था और संगरूर जिले में इस संबंध में शिकायत की थी। भाटिया ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने क्षेत्र में नशे की समस्या को लेकर प्रशासन या सरकार का ध्यान आकर्षित करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई के बजाय शिकायत पर जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे से जुड़े मामलों को लेकर आम लोगों में चिंता बनी हुई है और ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करे।
भाजपा की ओर से शुरू की गई ‘नशा-मुक्त पंजाब यात्रा’ को पार्टी ने राज्य में नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने की पहल बताया है। आधिकारिक तौर पर घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, चार यात्राएं पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेंगी और 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट से पहली यात्रा को रवाना किया था।
यात्रा के दौरान भाजपा नेताओं की ओर से नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं में नशे की लत और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल राजनीतिक मुद्दे तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि समाज, परिवारों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी के साथ इसे व्यापक अभियान का रूप दिया जाना चाहिए। वहीं, इस अभियान को लेकर पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा की पहल पर सवाल उठाते हुए उसके पिछले कार्यकाल और पंजाब में नशे की समस्या को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसके जवाब में भाजपा नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार पर अपने नशा विरोधी अभियान के लक्ष्यों को पूरा न करने का आरोप लगाया है।
गौरव भाटिया ने कहा कि भाजपा की यात्रा का उद्देश्य पंजाब के युवाओं और परिवारों तक नशे के खिलाफ संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि नशे की समस्या से प्रभावित लोगों की बात सुनी जाए और उन्हें उपचार तथा पुनर्वास जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाए। भाजपा नेताओं ने यात्रा के दौरान नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए नशे का मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण बन चुका है। भाजपा ने अपनी यात्रा के जरिए इसे राज्यव्यापी अभियान का रूप दिया है। पार्टी का दावा है कि 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने वाली यह पहल लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट करने का माध्यम बनेगी। दूसरी ओर, राज्य सरकार और विपक्षी दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे के शासन और नीतियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
गौरव भाटिया के ताजा बयान से साफ है कि भाजपा पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में ‘नशा-मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान यह मुद्दा राज्य की राजनीतिक बहस में और प्रमुखता से उठने की संभावना है।