नई दिल्ली। नौकरी की तलाश कर रहे फ्रेशर्स और युवाओं के लिए जॉब मार्केट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। हालिया हायरिंग ट्रेंड्स और TeamLease EdTech के आंकड़े संकेत देते हैं कि कंपनियां नए टैलेंट को लेकर लगातार सक्रिय हैं। ऐसे में अगर आप नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो यह समय अपना CV अपडेट करने, जरूरी स्किल्स को मजबूत करने और इंटरव्यू की तैयारी तेज करने का है।
सोशल मीडिया पर CNBC आवाज के Consumer Adda से जुड़ी पोस्ट में भी फ्रेशर्स को अपना CV तैयार रखने की सलाह दी गई है। पोस्ट में TeamLease EdTech की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जॉब मार्केट में नए टैलेंट की मांग बढ़ने की बात कही गई है। हालांकि, अलग-अलग सेक्टर और शहरों में भर्ती की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए उम्मीदवारों को केवल एक आंकड़े के बजाय अपनी स्किल और संबंधित इंडस्ट्री की मांग पर ध्यान देना चाहिए।
फ्रेशर्स के लिए क्यों बढ़ रही है उम्मीद?
TeamLease EdTech की Career Outlook Report के मुताबिक, भारत में कई उद्योगों में नए कर्मचारियों की भर्ती को लेकर सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। जुलाई-दिसंबर 2025 के लिए जारी रिपोर्ट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हायरिंग इंटेंट 82 प्रतिशत और मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग में 67 प्रतिशत दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में अलग-अलग भूमिकाओं और शहरों के हिसाब से भी भर्ती की मांग बताई गई है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर फ्रेशर को तुरंत नौकरी मिल जाएगी। कंपनियां अब डिग्री के साथ उम्मीदवार की वास्तविक क्षमता, डिजिटल स्किल, कम्युनिकेशन, समस्या समाधान और टेक्नोलॉजी के साथ काम करने की क्षमता को भी महत्व दे रही हैं।
CV में सिर्फ डिग्री लिखना अब काफी नहीं
नौकरी के लिए आवेदन करते समय CV उम्मीदवार की पहली पहचान बनता है। इसलिए इसमें सिर्फ शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत जानकारी भरना पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवारों को अपने CV में प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप, सर्टिफिकेट, तकनीकी कौशल और उपलब्धियों को स्पष्ट तरीके से शामिल करना चाहिए।
यदि किसी फ्रेशर ने कॉलेज के दौरान कोई लाइव प्रोजेक्ट किया है, वेबसाइट बनाई है, डेटा एनालिसिस किया है, डिजिटल मार्केटिंग अभियान चलाया है या किसी कंपनी में इंटर्नशिप की है तो उसे CV में प्रमुखता से दिखाना चाहिए।
एक अच्छा CV छोटा, स्पष्ट और जॉब प्रोफाइल के अनुसार होना चाहिए। हर नौकरी के लिए एक ही CV भेजने के बजाय संबंधित पद के हिसाब से जरूरी स्किल्स और अनुभव को ऊपर रखना अधिक प्रभावी हो सकता है।
किन स्किल्स पर सबसे ज्यादा ध्यान दें?
आज के जॉब मार्केट में AI, डेटा, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों से जुड़ी क्षमताओं की मांग बढ़ रही है। TeamLease EdTech की गिग इकोनॉमी रिपोर्ट में भी तकनीकी कौशल को महत्वपूर्ण बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 75.90 प्रतिशत नियोक्ताओं ने तकनीकी कौशल को गिग वर्कर्स के लिए जरूरी माना, जबकि 68.67 प्रतिशत ने कम्युनिकेशन स्किल्स पर जोर दिया।
इसलिए फ्रेशर्स को केवल एक सॉफ्टवेयर या टूल सीखने के बजाय अपने क्षेत्र की पूरी जरूरत समझनी चाहिए। उदाहरण के लिए IT में जाने वाले उम्मीदवार AI, Python, Cloud, Data Analytics या Cybersecurity जैसी स्किल्स पर काम कर सकते हैं। वहीं मार्केटिंग से जुड़े उम्मीदवार Digital Marketing, SEO, Social Media Analytics और AI-based marketing tools सीख सकते हैं।
किन शहरों और सेक्टरों में अवसर?
TeamLease EdTech की पिछली Career Outlook रिपोर्टों में भी शहरों के बीच हायरिंग इंटेंट में बड़ा अंतर सामने आया है। जनवरी-जून 2023 की रिपोर्ट में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली फ्रेशर हायरिंग के प्रमुख शहरों में शामिल थे। उस रिपोर्ट में बेंगलुरु में 75 प्रतिशत, मुंबई में 56 प्रतिशत और दिल्ली में 47 प्रतिशत फ्रेशर हायरिंग इंटेंट दर्ज किया गया था।
हालांकि, समय के साथ जॉब मार्केट बदल रहा है और अब Tier-2 तथा Tier-3 शहर भी रोजगार के नए केंद्र बन रहे हैं। कंपनियां हाइब्रिड और रिमोट मॉडल के जरिए बड़े शहरों के बाहर मौजूद टैलेंट तक भी पहुंच बना रही हैं।
गिग और कॉन्ट्रैक्ट जॉब्स भी बन रहे विकल्प
नौकरी बाजार में केवल स्थायी नौकरियां ही विकल्प नहीं हैं। गिग, फ्रीलांस, कॉन्ट्रैक्ट और प्रोजेक्ट आधारित भूमिकाएं भी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण रास्ता बन रही हैं।
TeamLease EdTech की रिपोर्ट में 78.57 प्रतिशत नियोक्ताओं ने बताया था कि गिग वर्कर्स उनकी अपेक्षाओं को पूरा करते हैं या उनसे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। साथ ही AI और ऑटोमेशन से जुड़ी स्किल्स को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया गया था।
इससे संकेत मिलता है कि उम्मीदवारों को रोजगार के पारंपरिक विकल्पों के साथ-साथ नए वर्क मॉडल के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
AI के दौर में फ्रेशर्स को क्या करना होगा?
AI के बढ़ते इस्तेमाल ने कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया को भी प्रभावित किया है। अब कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहती हैं जो नई तकनीक को समझ सकें और अपने काम में उसका सही इस्तेमाल कर सकें। कई क्षेत्रों में कंपनियां कम लेकिन ज्यादा स्किल्ड कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं।
इसलिए फ्रेशर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है—Learn, Practice और Showcase। यानी नई स्किल सीखें, उसका प्रैक्टिकल इस्तेमाल करें और फिर उसे अपने CV तथा इंटरव्यू में प्रभावी तरीके से पेश करें।
नौकरी की तलाश करने वालों के लिए जरूरी चेकलिस्ट
नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अभी से अपना CV अपडेट करना चाहिए। इसके साथ LinkedIn और अन्य जॉब पोर्टल प्रोफाइल को भी अपडेट रखें। अपने क्षेत्र की 5-10 प्रमुख कंपनियों की वेबसाइट पर Careers सेक्शन नियमित रूप से देखें।
इंटरव्यू के लिए सामान्य सवालों के साथ-साथ अपने प्रोजेक्ट और स्किल्स से जुड़े सवालों की तैयारी करें। यदि CV में किसी तकनीकी कौशल का उल्लेख है तो उम्मीदवार को उस कौशल से जुड़े बेसिक और प्रैक्टिकल सवालों के जवाब भी आने चाहिए।
कुल मिलाकर, जॉब मार्केट में अवसर मौजूद हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा भी उतनी ही मजबूत है। ऐसे में फ्रेशर्स के लिए सिर्फ नौकरी का इंतजार करना पर्याप्त नहीं होगा। अपडेटेड CV, बेहतर डिजिटल स्किल्स, प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट और मजबूत इंटरव्यू तैयारी ही उन्हें दूसरे उम्मीदवारों से आगे ले जा सकती है।
नोट: TeamLease EdTech के उपलब्ध रिपोर्ट डेटा के आधार पर अलग-अलग सेक्टरों में हायरिंग इंटेंट अलग रहा है। इसलिए “जॉब्स की भरमार” को पूरे देश में हर उम्मीदवार के लिए निश्चित नौकरी मिलने के दावे के रूप में नहीं समझना चाहिए।