बेंगलुरु में घर के बाहर कार खड़ी करना पड़ेगा महंगा, 25 हजार?

बेंगलुरु: अगर आप बेंगलुरु में रहते हैं और अक्सर अपनी कार घर के बाहर सड़क पर पार्क करते हैं, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर इसका असर पड़ सकता है। कर्नाटक सरकार की ओर से प्रस्तावित Greater Bengaluru Area (Parking) Rules, 2026 में सार्वजनिक सड़कों पर पार्किंग को लेकर नए शुल्क और नियमों […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 15, 2026 10:12 pm IST, Published 17 minutes ago

बेंगलुरु: अगर आप बेंगलुरु में रहते हैं और अक्सर अपनी कार घर के बाहर सड़क पर पार्क करते हैं, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर इसका असर पड़ सकता है। कर्नाटक सरकार की ओर से प्रस्तावित Greater Bengaluru Area (Parking) Rules, 2026 में सार्वजनिक सड़कों पर पार्किंग को लेकर नए शुल्क और नियमों का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत घर के सामने सार्वजनिक सड़क पर कार पार्क करने के लिए सालाना शुल्क ₹15,000 से ₹25,000 तक हो सकता है। हालांकि, यह अभी प्रस्तावित नियम है और इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

घर के बाहर कार पार्क करने पर कितना लगेगा शुल्क?

प्रस्तावित पार्किंग नियमों के मुताबिक, घर के सामने सार्वजनिक सड़क पर वाहन खड़ा करने के लिए वार्षिक पार्किंग परमिट की व्यवस्था की जा सकती है। सामने आए विवरण के अनुसार अलग-अलग प्रकार की कारों के लिए अलग शुल्क प्रस्तावित है। रिपोर्टों में हैचबैक के लिए ₹15,000, सेडान के लिए ₹20,000 और SUV के लिए ₹25,000 सालाना शुल्क का उल्लेख किया गया है।

यानी अगर किसी व्यक्ति के पास SUV है और वह उसे अपने घर के बाहर सार्वजनिक सड़क पर पार्क करता है, तो प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर सालभर में ₹25 हजार तक खर्च करना पड़ सकता है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से चर्चा में है कि अब घर के बाहर कार खड़ी करना भी जेब पर भारी पड़ सकता है।

क्या अभी से देना होगा ₹25 हजार?

नहीं। यह बात समझना बेहद जरूरी है। ₹25,000 का शुल्क अभी लागू नहीं हुआ है। यह Greater Bengaluru Area Parking Rules, 2026 के प्रस्तावित ड्राफ्ट का हिस्सा है। सरकार की ओर से अंतिम नियम लागू किए जाने से पहले लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इसलिए फिलहाल इसे संभावित शुल्क के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

यही वजह है कि सोशल मीडिया या वायरल पोस्ट में यदि यह कहा जा रहा है कि बेंगलुरु के हर व्यक्ति को तुरंत घर के बाहर कार खड़ी करने के लिए ₹25 हजार जमा करने होंगे, तो यह पूरी तस्वीर नहीं है। वास्तविक स्थिति यह है कि सरकार ने पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए नई नीति का मसौदा तैयार किया है।

सार्वजनिक सड़क पर पार्किंग को लेकर क्यों आया प्रस्ताव?

बेंगलुरु लंबे समय से ट्रैफिक जाम, सीमित पार्किंग और सड़कों पर खड़े वाहनों की समस्या से जूझ रहा है। कई रिहायशी इलाकों में लोग अपने घरों के बाहर सार्वजनिक सड़क पर वाहन पार्क करते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और कई जगह पैदल यात्रियों तथा दूसरे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।

बेंगलुरु की सड़कों पर अवैध और अनियंत्रित पार्किंग की समस्या को लेकर पहले भी रिपोर्टें सामने आती रही हैं। रिहायशी इलाकों में घरों के बाहर लंबे समय तक वाहन खड़े रहने से सड़कें संकरी होने और यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं।

नई प्रस्तावित नीति का उद्देश्य सार्वजनिक सड़क की जगह का बेहतर प्रबंधन करना और पार्किंग को अधिक व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।

सिर्फ घर के बाहर पार्किंग ही नहीं, घंटे के हिसाब से भी शुल्क

प्रस्तावित नियमों में केवल रिहायशी इलाकों की पार्किंग ही चर्चा में नहीं है। शहर की अलग-अलग श्रेणी की सड़कों पर ऑन-स्ट्रीट पार्किंग के लिए ₹40 से ₹80 प्रति घंटे तक शुल्क प्रस्तावित होने की जानकारी सामने आई है। सड़क की श्रेणी और पार्किंग क्षेत्र के आधार पर शुल्क अलग हो सकता है।

इसके अलावा ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी व्यवस्था बनाए जाने की बात सामने आई है। इसका मकसद लोगों को सार्वजनिक सड़कों के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पार्किंग व्यवस्था के लिए बनेगा डिजिटल सिस्टम

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पार्किंग प्रबंधन को डिजिटल बनाने की भी तैयारी बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार एक कॉमन पार्किंग पोर्टल विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसके जरिए पार्किंग से जुड़ी सेवाओं और परमिट को व्यवस्थित किया जा सकेगा। पार्किंग के संचालन और नियमों के पालन की निगरानी में निजी ऑपरेटरों की भूमिका भी हो सकती है।

इस व्यवस्था से प्रशासन को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कौन-सा पार्किंग क्षेत्र निर्धारित है, किस वाहन के लिए परमिट जारी हुआ है और नियमों का उल्लंघन कहां हो रहा है।

लोगों के बीच क्यों बढ़ी चिंता?

प्रस्ताव सामने आने के बाद बेंगलुरु के वाहन मालिकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। खासकर वे लोग चिंतित हैं जिनके घरों में पर्याप्त पार्किंग स्थान नहीं है और उन्हें नियमित रूप से सड़क पर वाहन खड़ा करना पड़ता है।

विपक्ष ने भी प्रस्तावित पार्किंग शुल्क पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी ने इसे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए विरोध जताया है।

वहीं, नीति के समर्थकों का तर्क है कि सार्वजनिक सड़क किसी एक घर की निजी पार्किंग नहीं है। यदि सड़क पर लंबे समय तक वाहन खड़े किए जाते हैं, तो उससे दूसरे नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होती है। शुल्क और परमिट व्यवस्था के जरिए सड़क की पार्किंग को नियंत्रित किया जा सकता है।

अंतिम फैसला आने तक क्या समझें?

फिलहाल बेंगलुरु के वाहन मालिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। ₹25,000 सालाना शुल्क प्रस्तावित नियम का हिस्सा है, कोई तत्काल लागू हुआ टैक्स या जुर्माना नहीं। अंतिम नियम, शुल्क की वास्तविक दरें और किन इलाकों में कौन-सी व्यवस्था लागू होगी, यह सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

बेंगलुरु में पार्किंग की समस्या पुरानी है और शहर के तेजी से बढ़ते वाहन भार के बीच इसका समाधान तलाशना जरूरी भी है। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पर्याप्त वैकल्पिक पार्किंग उपलब्ध कराई जाती है या नहीं और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कितना पड़ता है।

निष्कर्ष: घर के बाहर कार पार्क करने पर ₹25 हजार तक सालाना शुल्क वाली खबर पूरी तरह फर्जी नहीं है, लेकिन इसे प्रस्तावित पार्किंग नीति के संदर्भ में समझना जरूरी है। नियम अभी ड्राफ्ट स्तर पर हैं। अंतिम फैसला आने के बाद ही तय होगा कि बेंगलुरु के किस वाहन मालिक को कितना भुगतान करना होगा।

Advertisement