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जैन की गिरफ्तारी पर केजरीवाल का सवाल, पुलिस कस्टडी क्यों नहीं मांगी

नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद राजधानी की राजनीति गरमा गई है। दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले में […]

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  • August 19, 2026 2:01 pm IST, Published 51 minutes ago

नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद राजधानी की राजनीति गरमा गई है। दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले में सत्येंद्र जैन, पूर्व DJB सीईओ उदित प्रकाश राय समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा है।

AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जैन को एक बार फिर भाजपा के दबाव में गिरफ्तार कराया गया है। केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ पिछला मामला भी गलत था और मौजूदा मामला भी जांच के बाद गलत साबित होगा।

केजरीवाल ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाया। उनका तर्क था कि यदि किसी व्यक्ति से पूछताछ और जांच करनी हो तो पुलिस या जांच एजेंसी आम तौर पर उसकी कस्टडी मांगती है। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन की पुलिस कस्टडी नहीं मांगी गई, इसलिए गिरफ्तारी के उद्देश्य पर सवाल खड़े होते हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में की गई है।

AAP के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने मामले की टाइमलाइन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस टेंडर को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है, वह अक्टूबर 2022 में हुआ था। उनके मुताबिक, उस समय तक सत्येंद्र जैन एक दूसरे मामले में जेल में थे। पार्टी ने इसी आधार पर आरोप लगाया कि मौजूदा कार्रवाई का घटनाक्रम तार्किक नहीं है।

दूसरी ओर, ACB के अनुसार मामला दिल्ली जल बोर्ड के STP के विस्तार और उन्नयन से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में कथित बड़े पैमाने की अनियमितताओं से संबंधित है। एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर इस तरह बदलाव किए गए, जिससे किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाया जा सके। मामले में आपराधिक साजिश और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

यह मामला दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर 11 मई 2024 को दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। सत्येंद्र जैन और उदित प्रकाश राय के अलावा चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

ACB की जांच में टेंडर दस्तावेजों, अधिकारियों और निजी पक्षों के बीच कथित बातचीत तथा वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का वास्तविक दायरा क्या था और संबंधित पक्षों के बीच धन का कोई अवैध लेनदेन हुआ या नहीं।

AAP का कहना है कि गिरफ्तारी का उद्देश्य जांच से ज्यादा राजनीतिक दबाव बनाना है। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर केंद्रीय तथा जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वहीं जांच एजेंसी की कार्रवाई को लेकर अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा।

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ने दिल्ली की राजनीति में पुराने विवादों को भी फिर चर्चा में ला दिया है। AAP लगातार यह आरोप लगाती रही है कि उसके नेताओं को केंद्रीय और जांच एजेंसियों के जरिए निशाना बनाया जाता है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। ACB द्वारा जुटाए जा रहे दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। सत्येंद्र जैन के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

 

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