मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। वृंदावन के रुक्मणी विहार इलाके में निर्माणाधीन वृंदावन कोर्टयार्ड मॉल की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में मलबे में दबने से तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल है। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ। उस समय निर्माण स्थल पर करीब 4-5 मजदूर नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। अचानक दूसरी मंजिल पर छत और छज्जे की ढलाई के दौरान शटरिंग और निर्माण सामग्री नीचे गिर गई। इसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।
शटरिंग गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
बचाव दल ने मलबा हटाकर एक मजदूर का शव बाहर निकाला। वहीं तीन अन्य मजदूर घायल अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार, हादसे में मृतकों की पहचान शिवराम (40) के रूप में हुई है, जो नेपाल के कैलाली जिले के सिमरी का रहने वाला था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं इलाज के दौरान रफीउल (40) और आलम (42) की मौत हो गई। दोनों पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के रहने वाले थे। पश्चिम बंगाल के ही एक अन्य मजदूर दिलबार (42) का इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन मॉल में पिछले करीब तीन साल से काम चल रहा था। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी और एसएसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को घायल मजदूर का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे के बाद मृतक मजदूरों के परिवारों में मातम पसरा है। परिजनों ने घटना की जांच और न्याय की मांग की है।