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सिंहेश्वर मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर भगदड़, कई श्रद्धालु घायल

मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले में सावन की अंतिम सोमवारी के मौके पर सिंहेश्वर मंदिर में अचानक भगदड़ मचने से कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने […]

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  • August 24, 2026 10:38 am IST, Published 1 hour ago

मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले में सावन की अंतिम सोमवारी के मौके पर सिंहेश्वर मंदिर में अचानक भगदड़ मचने से कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

सावन के आखिरी सोमवार को सिंहेश्वर मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे थे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक ऐसी स्थिति बनी, जिसके बाद लोगों में भगदड़ मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालुओं के गिरने और घायल होने की जानकारी सामने आई है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला। प्रशासन की तत्परता से हालात को जल्द काबू में किए जाने की बात सामने आई है।

घायल श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया।

सिंहेश्वर मंदिर मधेपुरा ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए भी प्रमुख धार्मिक स्थल है। सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक भीड़ जुटी थी।

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे जल्दबाजी न करें और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही मंदिर में प्रवेश तथा निकास करें। अधिकारियों ने लोगों से धैर्य और संयम बनाए रखने को कहा है, ताकि किसी तरह की दोबारा अव्यवस्था न हो।

घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मंदिर में पूजा-अर्चना और जलार्पण की प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी है।

फिलहाल जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सावन की अंतिम सोमवारी पर हुई इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन की चुनौती अब यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद मंदिर परिसर में व्यवस्था सुचारु बनी रहे और सभी लोग सुरक्षित तरीके से दर्शन एवं पूजा कर सकें।

 

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