प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक प्ले स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप एक 17 वर्षीय नाबालिग डांस टीचर पर लगाया गया है। घटना के बाद बच्ची की हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। कैंट थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्ची डॉक्टर दंपति की बेटी है और कैंट क्षेत्र स्थित एक प्ले स्कूल में जाती थी। आरोप है कि स्कूल में डांस सिखाने के दौरान नाबालिग प्रशिक्षक ने बच्ची के साथ गलत हरकत की। परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
परिजनों के अनुसार, बच्ची के निजी अंग में चोट के संकेत मिलने के बाद उसे तत्काल चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में बच्ची का उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है, जिसके चलते मामले में नाबालिग आरोपी से संबंधित कानूनी प्रावधानों का भी ध्यान रखा जाएगा। पुलिस आरोपी की तलाश के साथ-साथ घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि डांस क्लास के दौरान बच्ची के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया गया। पुलिस स्कूल परिसर में उपलब्ध जानकारी और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर सकती है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई।
घटना के बाद बच्ची के परिजनों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। परिवार अपनी बेटी के इलाज और सुरक्षा को लेकर चिंतित है। वहीं, पुलिस ने मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में स्कूल और संस्थानों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासकर छोटे बच्चों के साथ काम करने वाले शिक्षकों और प्रशिक्षकों की निगरानी, परिसर की सुरक्षा तथा गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। इस घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और वहां बच्चों की निगरानी से जुड़े इंतजाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी नाबालिग की तलाश में जुटी है। बच्ची का अस्पताल में इलाज जारी है और चिकित्सकीय रिपोर्ट भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों से भी अपील की जाती है कि बच्चों में किसी तरह के असामान्य व्यवहार या चोट के संकेत दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।