नई दिल्ली: बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रदर्शनकारियों की मांगों और उनकी भावनाओं का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को उचित मंच तक पहुंचाना जरूरी है और वह इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। चिराग पासवान ने यह बात दिल्ली में बिहार के छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए कही।
चिराग पासवान ने कहा कि वह छात्रों की भावनाओं को समझते हैं और उनकी उचित मांगों के समर्थन में हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने पहले भी छात्रों और अभ्यर्थियों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी वर्ग ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखी हैं, उन्होंने उन्हें सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की है।
केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से PhD अभ्यर्थियों की ओर से पहले उठाई गई चिंताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि PhD करने वाले अभ्यर्थियों ने बिहार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC से संबंधित नियमों को लागू करने को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी। चिराग के अनुसार, इन अभ्यर्थियों की समस्याओं को उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के सामने भी रखा था। उन्होंने कहा कि छात्रों की मौजूदा मांगों को भी वह संबंधित स्तर पर उठाने का प्रयास करेंगे। चिराग पासवान ने संकेत दिया कि वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छात्रों की समस्याओं पर चर्चा करने और समाधान का रास्ता तलाशने का अनुरोध करेंगे।
बिहार में छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव, निगेटिव मार्किंग हटाने और बिहार के युवाओं को सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर देने के लिए डोमिसाइल से जुड़ी व्यवस्था सहित कई मांगें उठा रहे हैं। इन मांगों को लेकर पटना में छात्रों का प्रदर्शन भी हुआ, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से वाटर कैनन के इस्तेमाल और लाठीचार्ज की खबरें सामने आई थीं। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई। इस दौरान एक छात्रा के घायल होने की खबर ने आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया।
छात्रों के आंदोलन के बीच चिराग पासवान का बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच संवाद की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की जायज चिंताओं को उचित मंच पर उठाया जाना चाहिए और सरकार के स्तर पर उनका समाधान खोजने का प्रयास होना चाहिए।
चिराग पासवान ने यह भी संकेत दिया कि केवल विरोध प्रदर्शन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि छात्रों की मांगों को सरकार के सामने स्पष्ट तरीके से रखना और उनके समाधान के लिए बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह अपनी ओर से इस दिशा में पहल करने की कोशिश करेंगे।
छात्रों की मांगों पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं के स्तर पर होना है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बातचीत में छात्रों की मांगों को लेकर क्या रास्ता निकलता है। यदि सरकार और प्रदर्शनकारी पक्ष के बीच बातचीत होती है, तो इससे आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल चिराग पासवान ने छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और समाधान के लिए पहल करने की बात कही है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि छात्रों की मांगों को राजनीतिक स्तर पर भी उठाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई पहल देखने को मिल सकती है।