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बिहार में 3 लाख छात्रों को 24×7 मुफ्त AI शिक्षा, विद्या साथी शुरू

पटना: बिहार सरकार ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को मिलने वाली अधिकतम ₹4 लाख तक की सहायता आगे भी पहले की तरह जारी रहेगी। […]

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  • August 24, 2026 2:25 pm IST, Published 1 hour ago

पटना: बिहार सरकार ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को मिलने वाली अधिकतम ₹4 लाख तक की सहायता आगे भी पहले की तरह जारी रहेगी। इसके साथ ही राज्य में AI आधारित डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म ‘बिहार विद्या साथी’ की शुरुआत की गई है।

सरकार की ओर से कहा गया है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में किसी तरह का भ्रम या संशय नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए इस योजना के तहत ₹4 लाख तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि यह सुविधा आगे भी पूर्ववत जारी रहेगी।

सरकार का कहना है कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा नहीं बने, इसके लिए शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है। युवाओं की उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य को लेकर राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

इसी क्रम में विद्यार्थियों की पढ़ाई को डिजिटल माध्यम से मजबूत करने के लिए AI आधारित ‘बिहार विद्या साथी’ प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई। लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में इस पहल का शुभारंभ किया गया।

सरकार के अनुसार, इस डिजिटल शिक्षा पहल से बिहार के सभी 38 जिलों के करीब तीन लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थियों को 24 घंटे और सातों दिन निःशुल्क लाइव शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा वन-टू-वन ट्यूटर सपोर्ट की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान आसानी से प्राप्त कर सकें।

‘बिहार विद्या साथी’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी पसंद के शिक्षक से पढ़ने का अवसर मिलेगा। किसी पाठ या विषय को समझने में परेशानी होने पर उन्हें त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए अनलिमिटेड लर्निंग की सुविधा उपलब्ध होने की बात कही गई है।

इस प्लेटफॉर्म में AI आधारित कॉन्सेप्ट लर्निंग को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ याद कराने के बजाय विषयों की मूल अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद करना है। डिजिटल अध्ययन सामग्री के साथ बिहार बोर्ड की पढ़ाई के अलावा JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

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सरकार के अनुसार, करीब 75 हजार शिक्षकों को इस डिजिटल शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों और शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है, जिन्हें अपने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संसाधन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते।

सरकार का लक्ष्य डिजिटल तकनीक और AI की मदद से शिक्षा को विद्यार्थियों तक उनकी सुविधा के अनुसार पहुंचाना है। ‘बिहार विद्या साथी’ के जरिए छात्र अपनी सुविधा के मुताबिक समय चुनकर पढ़ाई कर सकेंगे और सवालों के जवाब तथा शिक्षक का सहयोग प्राप्त कर सकेंगे।

यह पहल बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है। एक तरफ स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता जारी रखने पर जोर है, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार करना है, जहां विद्यार्थी आर्थिक संसाधनों या स्थान की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित न हों। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कितना व्यापक होता है, यह इनके क्रियान्वयन और उपयोग पर निर्भर करेगा।

 

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