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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘हरितालिका तीज महोत्सव’ में नेपाली व गोरखाली समाज के साथ की सहभागिता

ऐसे आयोजनों से हम अपनी समृद्ध परंपराओं, समाज में एकता व सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं: संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा 

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  • September 20, 2026 7:56 pm IST, Published 10 seconds ago

नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने रविवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में ‘हरितालिका तीज महोत्सव 2026’ में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरितालिका तीज केवल एक व्रत नहीं, बल्कि नारी के संकल्प और शक्ति की गाथा है। माता पार्वती के तप और संकल्प से जुड़ा यह पर्व आज भी हमारी माताओं और बहनों की आस्था, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है।

इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री कपिल मिश्रा, योग गुरु स्वामी रामदेव, आयुर्वेदाचार्य बालकृष्ण सहित नेपाली एवं गोरखाली समाज के विशिष्ट लोग भी उपस्थित थे। इस उत्सव का आयोजन ‘हमरो स्वाभिमान ट्रस्ट’ने किया था। कार्यक्रम में समाज और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली दस विभूतियों को सम्मानित किया गया।

हरितालिका तीज नारी शक्ति और संकल्प का पर्व

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने हरितालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरितालिका तीज व्रत नहीं, बल्कि नारी के संकल्प और शक्ति की गाथा है। माता पार्वती के तप और संकल्प से जुड़ा यह पर्व आज भी हमारी माताओं और बहनों की आस्था, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तीज के गीत और परंपराएं महिलाओं की भावनाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जो संस्कृति अपनी नारियों के पर्वों को जीवित रखती है, वह संस्कृति कभी नष्ट नहीं होती। उन्होंने हरितालिका तीज को नेपाली एवं गोर्खाली नारी की शक्ति और स्वाभिमान का पर्व बताते हुए समाज की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।

नेपाली-गोरखाली समाज शक्ति व गौरव का अभिन्न हिस्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली में भी बड़ी संख्या में नेपाली व गोरखाली समाज के लोग रहते हैं। इस समाज की पहचान केवल संख्या से नहीं, बल्कि उनके साहस, अनुशासन, ईमानदारी और निष्ठा से होती है। राष्ट्र की सुरक्षा से लेकर शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य, संगीत, खेल और व्यापार तक इस समाज के लोगों ने देश के विकास और गौरव में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उन्होंने योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वामी जी ने योग को आश्रमों से निकालकर जन-जन तक पहुंचाया और आचार्य जी ने योग व आयुर्वेद के पीछे के वैज्ञानिक पक्ष को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने मिलकर देश को योग और आयुर्वेद के साथ ‘स्वाभिमान’ की भावना भी दी है।

दस विभूतियों को ‘हमरो गौरव सम्मान’

इस अवसर पर दस विभूतियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह की सराहना करते हुए कहा कि किसी पर्व को मनाना एक बात है, लेकिन उन सैनिकों, शिक्षकों, किसानों, कलाकारों और अधिकारियों को पहचानना और सम्मानित करना, जिनके योगदान को पर्याप्त पहचान नहीं मिली, उससे कहीं बड़ा कार्य है। उन्होंने कहा कि यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज के योगदान का अभिलेख है। मुख्यमंत्री ने सम्मानित की गई दस विभूतियों को दिल्ली सरकार और दिल्ली की जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

योग व आयुर्वेद ज्ञान व स्वस्थ्य जीवन का मार्ग

कला, संस्कृति एवं भाषा और पर्यटन मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने आयोजन के लिए बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की सराहना की। उन्होंने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर दिल्ली वासियों की संवेदनशीलता और सहयोग के लिए लोगों को नमन किया। श्री कपिल मिश्रा ने कहा कि योग, आयुर्वेद और हमारी सनातन संस्कृति केवल भारत की पहचान नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए ज्ञान और स्वस्थ जीवन का मार्ग हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपनी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ऐसे जनकल्याणकारी और सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करती रहेगी।

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