मुंबई/नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बड़ी खबर सामने आई है। मराठी भाषा की फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने 18 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की। फिल्म का निर्देशन और लेखन संतोष डावखर ने किया है। ‘गोंधल’ अब Best International Feature Film श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।
यह चयन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार अलग-अलग भाषाओं और शैलियों की कुल 33 फिल्मों में से ‘गोंधल’ को भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के लिए चुना गया है। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र की ग्रामीण पृष्ठभूमि, वहां की पारंपरिक लोक संस्कृति और ‘गोंधल’ नामक धार्मिक लोक-अनुष्ठान के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
महाराष्ट्र की लोक परंपरा बनी कहानी का आधार
‘गोंधल’ केवल एक पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुति को पर्दे पर दिखाने वाली फिल्म नहीं है, बल्कि इसकी कहानी में रिश्तों, इच्छाओं, महत्वाकांक्षाओं और मानवीय कमजोरियों को भी जोड़ा गया है। फिल्म की पृष्ठभूमि ग्रामीण महाराष्ट्र है, जहां सदियों पुरानी लोक परंपरा कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आती है।
फिल्म से जुड़े विवरणों के मुताबिक कहानी में सुमन नाम की महिला की जिंदगी और उसके वैवाहिक संबंधों से जुड़े संघर्ष को केंद्र में रखा गया है। परिस्थितियां उसे ऐसे फैसलों की ओर ले जाती हैं, जिनसे कहानी में प्रेम, विश्वास, धोखे और तनाव की परतें जुड़ती जाती हैं। इसी वजह से फिल्म को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक थ्रिलर के तौर पर भी देखा गया है।
निर्देशक संतोष डावखर ने फिल्म में लोककला को सिर्फ दृश्य सजावट के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय कहानी के वातावरण और कथानक का हिस्सा बनाया है। 2025 में 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के दौरान भी फिल्म की इसी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर चर्चा हुई थी।
संतोष डावखर को पहले भी मिल चुकी है बड़ी पहचान
‘गोंधल’ के लिए ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री का चयन निर्देशक संतोष डावखर के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले नवंबर 2025 में आयोजित 56वें IFFI में उन्हें ‘गोंधल’ के निर्देशन के लिए Silver Peacock for Best Director पुरस्कार दिया गया था। भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो की ओर से जारी जानकारी में भी इस पुरस्कार की पुष्टि की गई है।
IFFI के दौरान फिल्म को उसकी परंपरा, कथानक और सिनेमाई प्रस्तुति के लिए चर्चा मिली थी। फिल्म में महाराष्ट्र की लोक परंपरा को आधुनिक सिनेमाई कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है।
मराठी सिनेमा के लिए भी अहम पड़ाव
‘गोंधल’ का ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री बनना मराठी सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे पहले भी मराठी भाषा की कुछ फिल्मों ने भारत की ओर से ऑस्कर के लिए प्रतिनिधित्व किया है। ‘गोंधल’ इस क्रम में एक और मराठी फिल्म के रूप में सामने आई है।
फिल्म की खासियत यह है कि इसकी कहानी का आधार किसी बड़े शहरी परिवेश के बजाय महाराष्ट्र की स्थानीय संस्कृति और लोक परंपरा है। क्षेत्रीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने में ऐसे चयन की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री चुना जाना अंतिम नामांकन या पुरस्कार जीतने के समान नहीं है।
‘गोंधल’ का भारत की ओर से चयन होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण ऑस्कर की प्रक्रिया है। आधिकारिक प्रविष्टि को आगे अकादमी की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके बाद शॉर्टलिस्ट और फिर अंतिम नामांकन की प्रक्रिया होती है।
अकादमी के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 99वें ऑस्कर समारोह का आयोजन 14 मार्च 2027 को निर्धारित है। 2027 के ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट की घोषणा 15 दिसंबर 2026 और नामांकन की घोषणा 21 जनवरी 2027 को निर्धारित की गई है। हालांकि अकादमी ने इन तारीखों में बदलाव की संभावना भी दर्ज की है।
इसका अर्थ यह है कि फिलहाल ‘गोंधल’ भारत की आधिकारिक प्रविष्टि है। इसे अंतिम पांच नामांकित फिल्मों में जगह मिलना अभी भविष्य की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
निर्देशक के सामने बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौती
ऑस्कर में आधिकारिक एंट्री चुने जाने के बाद फिल्म की टीम के सामने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म को प्रस्तुत करने और प्रचारित करने की चुनौती भी होगी। निर्देशक संतोष डावखर ने चयन के बाद इसे बड़ी जिम्मेदारी बताया है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने ऑस्कर अभियान की तैयारियां शुरू करने की बात कही है और अमेरिका में मीडिया एवं पीआर टीम के साथ काम की तैयारी भी की है।
‘गोंधल’ की कहानी, महाराष्ट्र की लोक परंपरा और क्षेत्रीय संस्कृति पर आधारित इसका सिनेमाई संसार अब भारतीय दर्शकों से आगे अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत के सामने भी पहुंचेगा। फिल्म का चयन यह भी दिखाता है कि भारतीय सिनेमा की क्षेत्रीय भाषाओं में बनी कहानियां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की दौड़ तक पहुंच रही हैं।
फिलहाल ऑस्कर 2027 की भारतीय आधिकारिक एंट्री के रूप में ‘गोंधल’ का नाम सामने आने से मराठी फिल्म उद्योग में उत्सुकता बढ़ गई है। अब निगाहें दिसंबर में प्रस्तावित शॉर्टलिस्ट और जनवरी 2027 में होने वाली नामांकन घोषणा पर रहेंगी। 14 मार्च 2027 को होने वाला 99वां ऑस्कर समारोह इस सफर का अगला बड़ा पड़ाव होगा।