• होम
  • दिल्ली/NCR
  • डूसू चुनाव में ABVP ने तीन पद जीते, रेखा गुप्ता ने दी बधाई

डूसू चुनाव में ABVP ने तीन पद जीते, रेखा गुप्ता ने दी बधाई

अध्यक्ष पद पर यश डबास ने जीत दर्ज की। उपलब्ध परिणामों के मुताबिक उन्हें 24,576 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। सचिव पद पर रिया छाबड़ी ने 21,

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 19, 2026 6:06 pm IST, Published 49 minutes ago

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। इस नतीजे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विजयी प्रत्याशियों और युवा मतदाताओं को बधाई दी। एबीवीपी के यश डबास ने अध्यक्ष, रिया छाबड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए डूसू चुनाव में एबीवीपी की जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यश डबास, रिया छाबड़ी और लक्ष्य राज सिंह को उनकी जीत के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह परिणाम युवाओं की भागीदारी को दर्शाता है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने छात्र जीवन और दिल्ली विश्वविद्यालय से अपने पुराने जुड़ाव का भी उल्लेख किया।

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और डूसू से उनका संबंध लंबे समय से रहा है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का संदर्भ देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर ने उनके सार्वजनिक जीवन की यात्रा को आकार देने में भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने डूसू अध्यक्ष के रूप में अपने पूर्व दायित्व का भी उल्लेख किया और कहा कि इसी वजह से विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चुनाव परिणाम उनके लिए व्यक्तिगत रूप से विशेष महत्व रखते हैं।

डूसू चुनाव के अंतिम परिणामों में अध्यक्ष पद पर यश डबास ने जीत दर्ज की। उपलब्ध परिणामों के मुताबिक उन्हें 24,576 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। सचिव पद पर रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।  इस तरह डूसू के केंद्रीय पैनल में एबीवीपी को तीन पद मिले, जबकि उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया।

इस चुनाव में विश्वविद्यालय परिसर से जुड़े कई मुद्दे प्रमुख रहे। चुनाव से पहले छात्र आवास, सुरक्षा और कैंपस सुविधाओं को लेकर छात्र संगठनों ने अपने-अपने मुद्दे उठाए थे। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद छात्र आवास और सुरक्षित रहने की व्यवस्था भी चुनावी चर्चा का प्रमुख विषय बनी थी।

डूसू चुनाव के नतीजों के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने अब छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी। विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा, आवास, शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं, परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया तथा कैंपस से जुड़े अन्य विषय आने वाले कार्यकाल में छात्रसंघ की प्राथमिकताओं में शामिल रह सकते हैं।

 

Advertisement