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रक्षाबंधन पर घर जाना पड़ा भारी, दिल्ली-NCR में भीषण जाम

नई दिल्ली/नोएडा। रक्षाबंधन से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर में सड़कों पर ऐसा ट्रैफिक दबाव देखने को मिला कि कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। त्योहार पर घर जाने की जल्दी में बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने निकले, जिससे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से जुड़े प्रमुख रास्तों […]

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  • August 28, 2026 12:31 am IST, Published 12 seconds ago

नई दिल्ली/नोएडा। रक्षाबंधन से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर में सड़कों पर ऐसा ट्रैफिक दबाव देखने को मिला कि कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। त्योहार पर घर जाने की जल्दी में बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने निकले, जिससे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से जुड़े प्रमुख रास्तों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में रात के समय सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं।

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का प्रमुख त्योहार है और इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के पास पहुंचने के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करते हैं। त्योहार से पहले सड़क और मेट्रो दोनों माध्यमों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव अचानक बढ़ गया। सबसे ज्यादा असर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME), एनएच-9 और नोएडा की प्रमुख सड़कों पर दिखाई दिया।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतार

त्योहार की पूर्व संध्या पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी यातायात देखने को मिला। तस्वीरों में एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में वाहन एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। कई हिस्सों में कारों की हेडलाइट और ब्रेक लाइट की लंबी कतार दूर तक नजर आई।

DME दिल्ली को गाजियाबाद और मेरठ से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। सामान्य दिनों में भी इस मार्ग पर पीक आवर्स के दौरान यातायात का दबाव रहता है, लेकिन त्योहार के दौरान अतिरिक्त वाहनों की संख्या बढ़ने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई।

वाहनों की बढ़ती संख्या का असर आसपास के संपर्क मार्गों पर भी पड़ा। एक्सप्रेसवे पर यातायात की गति धीमी होने के कारण कई वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों की ओर मुड़े, जिससे आसपास की सड़कों पर भी दबाव बढ़ने की स्थिति बनी।

NH-9 पर भी ट्रैफिक की रफ्तार हुई धीमी

दिल्ली-गाजियाबाद के बीच आवाजाही के लिए अहम एनएच-9 पर भी त्योहार से पहले यातायात का दबाव बढ़ा। बड़ी संख्या में परिवार अपने घरों की ओर निकल पड़े। इससे कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।

एनएच-9 दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों को जोड़ता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान इस मार्ग पर निजी वाहनों के साथ बसों और अन्य यात्री वाहनों की संख्या भी बढ़ जाती है।

ट्रैफिक बढ़ने का असर उन लोगों पर भी पड़ा जिन्हें रोजमर्रा के काम के लिए इन रास्तों से गुजरना था। कुछ यात्रियों को कम दूरी के सफर में भी सामान्य से ज्यादा समय लगा।

नोएडा के बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर भीड़

सड़कों के साथ-साथ मेट्रो स्टेशनों पर भी यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर में नोएडा के बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के आसपास बड़ी संख्या में यात्रियों की मौजूदगी दिखाई दे रही है।

त्योहार से पहले खरीदारी, यात्रा और परिवार से मिलने के लिए निकले लोगों की संख्या बढ़ने से मेट्रो नेटवर्क पर भी यात्रियों का दबाव बढ़ा। बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन नोएडा के प्रमुख इंटरचेंज और व्यस्त स्टेशनों में शामिल है, इसलिए यहां यात्रियों की संख्या बढ़ने का असर आसपास के इलाकों में भी दिखाई दे सकता है।

मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए भीड़ के बीच स्टेशन में प्रवेश और निकास में अतिरिक्त समय लग सकता है। ऐसे में यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर निकलें।

लालकुआं और जीटी रोड पर भी असर

दिल्ली-एनसीआर में बढ़े यातायात का असर गाजियाबाद के लालकुआं और जीटी रोड जैसे प्रमुख हिस्सों पर भी देखा गया। ये मार्ग आसपास के कई इलाकों को जोड़ते हैं और सामान्य दिनों में भी यहां वाहनों की आवाजाही काफी अधिक रहती है।

त्योहार के दौरान जब दिल्ली की ओर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ी, तो इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ गया। जगह-जगह धीमी गति से चलते वाहनों के कारण यात्रा का समय बढ़ने की स्थिति बनी।

अंबेडकर रोड और मेरठ तिराहे की ओर जाने वाले मार्गों पर भी यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। प्रमुख जंक्शनों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

ट्रैफिक पुलिस ने संभाली व्यवस्था

बढ़ते यातायात दबाव के बीच ट्रैफिक पुलिस की टीमें प्रमुख मार्गों और जंक्शनों पर तैनात रहीं। जहां जरूरत पड़ी, वहां यातायात को सामान्य करने के लिए डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया गया।

त्योहारों के दौरान ट्रैफिक पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह रहती है कि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने के बावजूद जाम को दूसरे रास्तों तक फैलने से रोका जाए। इसके लिए प्रमुख चौराहों पर यातायात की स्थिति पर नजर रखी जाती है और आवश्यकता के अनुसार वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाता है।

दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरी क्षेत्र में एक मार्ग पर जाम लगने का असर कई किलोमीटर दूर तक पड़ सकता है। यही वजह है कि त्योहार के दिनों में यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेना उपयोगी माना जाता है।

त्योहार पर सफर करने वालों के लिए जरूरी सलाह

रक्षाबंधन के मौके पर अगर आप दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या मेरठ के बीच यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर जांचें। पीक टाइम में प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे पर अतिरिक्त समय लग सकता है।

यात्रियों को संभव हो तो भीड़ वाले समय से अलग यात्रा करने की योजना बनानी चाहिए। मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को भी स्टेशन पर सामान्य से अधिक भीड़ के लिए तैयार रहना चाहिए।

निजी वाहन से यात्रा करने वालों को वैकल्पिक मार्ग की जानकारी पहले से रखना भी फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, किसी भी अनजान या प्रतिबंधित रास्ते का इस्तेमाल करने से बचना जरूरी है। ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलती है।

क्यों बढ़ जाता है त्योहारों पर ट्रैफिक दबाव?

रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर दिल्ली-एनसीआर में यातायात बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने मूल शहर या गांव की ओर जाते हैं। कुछ लोग परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए एक-दूसरे के घर पहुंचते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए बाजारों का रुख करते हैं।

इसके अलावा त्योहार से पहले ऑफिस और कारोबार से जुड़े लोगों की आवाजाही भी जारी रहती है। सामान्य दैनिक ट्रैफिक और त्योहार के लिए निकलने वाले अतिरिक्त वाहनों के एक साथ सड़कों पर आने से प्रमुख मार्गों की क्षमता पर दबाव बढ़ जाता है।

दिल्ली-एनसीआर में यह समस्या इसलिए भी ज्यादा दिखाई देती है क्योंकि दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और मेरठ जैसे शहरों के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई जाम की तस्वीरें

रक्षाबंधन से पहले दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे। रात के समय एक्सप्रेसवे पर वाहनों की चमकती हेडलाइट और लाल ब्रेक लाइट की लंबी कतार ने ट्रैफिक की गंभीर स्थिति को दिखाया।

वायरल तस्वीरों में सड़क का बड़ा हिस्सा वाहनों से भरा हुआ नजर आया। हालांकि, किसी भी वायरल वीडियो या तस्वीर को देखकर उसके स्थान और समय की पुष्टि किए बिना निष्कर्ष निकालने से बचना जरूरी है। यातायात की स्थिति लगातार बदलती रहती है और एक समय का जाम कुछ देर बाद सामान्य भी हो सकता है।

यात्रियों के लिए सबसे अहम बात

रक्षाबंधन पर परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए निकल रहे लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे जल्दबाजी से बचें। भारी ट्रैफिक में धैर्य बनाए रखना और सुरक्षित दूरी से वाहन चलाना बेहद जरूरी है।

दिल्ली-एनसीआर में त्योहार के दौरान ट्रैफिक दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखना चाहिए। खासकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9, जीटी रोड, लालकुआं, अंबेडकर रोड और मेरठ तिराहे जैसे व्यस्त मार्गों पर निकलने से पहले यातायात की स्थिति जांचना समझदारी होगी।

कुल मिलाकर, रक्षाबंधन से पहले दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा ट्रैफिक इस बात का संकेत है कि त्योहार के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रह सकता है। ऐसे में यात्रा की सही योजना, वैकल्पिक मार्ग की जानकारी और ट्रैफिक नियमों का पालन ही जाम से बचने और सुरक्षित तरीके से मंजिल तक पहुंचने का बेहतर तरीका है।

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