नई दिल्ली: सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले किशोरों के लिए Meta ने बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। अमेरिका के 52 राज्यों, क्षेत्रों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के अटॉर्नी जनरल के साथ हुए एक समझौते के तहत कंपनी ने Instagram और Facebook पर किशोरों के इस्तेमाल को लेकर कई सख्त नियमों पर सहमति जताई है। प्रस्तावित बदलावों में रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप्स के इस्तेमाल पर डिफॉल्ट रोक, दोनों प्लेटफॉर्म के लिए रोजाना कुल दो घंटे की समय सीमा और स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन को सीमित करना शामिल है।
हालांकि, यह समझौता अभी न्यायिक मंजूरी के अधीन है। साथ ही, इसके प्रावधान फिलहाल अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों तक सीमित हैं। इसलिए इसे भारत समेत पूरी दुनिया में Instagram और Facebook के रात में बंद होने के फैसले के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेगा Instagram-Facebook
Meta के प्रस्तावित Night Mode के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए Instagram और Facebook का इस्तेमाल रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा। इस अवधि में किशोर Feed, Stories, Explore और Reels जैसे प्रमुख फीचर्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
खास बात यह है कि Night Mode केवल नोटिफिकेशन बंद करने तक सीमित नहीं होगा। इस दौरान ऐप के मुख्य फीचर्स तक पहुंच ही प्रतिबंधित करने की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य किशोरों को देर रात तक सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से रोकना और उनकी नींद तथा ऑफलाइन गतिविधियों के लिए बेहतर समय सुनिश्चित करना है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और स्क्रीनशॉट के आधार पर यह मान लेना गलत होगा कि भारत में भी आज रात से Instagram और Facebook बंद हो जाएंगे। Meta की घोषणा के अनुसार यह व्यवस्था अमेरिका में हुए समझौते के दायरे में आने वाले राज्यों और क्षेत्रों से संबंधित है और इसे लागू करने के लिए न्यायिक मंजूरी भी आवश्यक है।
Instagram और Facebook के लिए रोजाना सिर्फ 2 घंटे
Meta के नए प्रस्ताव में किशोरों के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव दैनिक स्क्रीन टाइम को लेकर है। कंपनी के मुताबिक Facebook और Instagram पर किशोरों के लिए कुल दो घंटे की डिफॉल्ट दैनिक समय सीमा तय की जाएगी।
इसमें खास बात यह है कि दोनों ऐप्स का समय अलग-अलग नहीं गिना जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई किशोर Instagram पर डेढ़ घंटे बिताता है, तो Facebook के लिए उसके पास केवल 30 मिनट का समय बचेगा। यानी दोनों प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मिलाकर रोजाना दो घंटे की सीमा लागू होगी।
इस सीमा को किशोर खुद से बंद नहीं कर सकेंगे। इसे बदलने या हटाने के लिए माता-पिता की अनुमति आवश्यक होगी। Meta ने यह व्यवस्था किशोरों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित की है।
15 मिनट बाद मिलेगा स्क्रीन टाइम रिमाइंडर
Meta किशोरों को लगातार सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से रोकने के लिए स्क्रीन टाइम रिमाइंडर भी बढ़ाने जा रहा है। कंपनी के अनुसार Facebook और Instagram पर लगातार 15 मिनट इस्तेमाल करने के बाद किशोरों को एक प्रॉम्प्ट दिखाई देगा।
इसके अलावा जब दैनिक इस्तेमाल 60 मिनट और 90 मिनट तक पहुंचेगा, तब भी स्क्रीन टाइम को लेकर रिमाइंडर दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह एहसास कराना है कि वे सोशल मीडिया पर कितना समय खर्च कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर ब्रेक ले सकें।
Meta का मानना है कि लगातार स्क्रॉलिंग की आदत को कम करने के लिए केवल समय सीमा पर्याप्त नहीं है। समय-समय पर मिलने वाले रिमाइंडर किशोरों को अपने डिजिटल व्यवहार के प्रति ज्यादा जागरूक बनाने में मदद कर सकते हैं।
स्कूल टाइम में भी कम होंगे नोटिफिकेशन
किशोरों के लिए Meta ने School Mode का भी प्रस्ताव रखा है। इसके तहत सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक नोटिफिकेशन डिफॉल्ट रूप से म्यूट किए जाएंगे।
हालांकि, सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट और Direct Messages जैसे कुछ महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन इस व्यवस्था से बाहर रह सकते हैं। इसका मकसद स्कूल के समय में सोशल मीडिया के कारण होने वाले ध्यान भटकाव को कम करना है।
स्कूल के दौरान लगातार आने वाले लाइक, कमेंट और अन्य नोटिफिकेशन विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से हटा सकते हैं। ऐसे में नोटिफिकेशन को सीमित करने की व्यवस्था डिजिटल डिस्ट्रैक्शन कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पैरेंटल कंट्रोल को मिलेगा ज्यादा महत्व
नए नियमों में माता-पिता की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। Meta किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पैरेंटल कंट्रोल को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
कुछ महत्वपूर्ण सेटिंग्स को बदलने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल की सीमाएं तय करने में मदद मिलेगी।
कंपनी का कहना है कि उद्देश्य किशोरों को पूरी तरह सोशल मीडिया से दूर करना नहीं, बल्कि उन्हें उम्र के अनुरूप और ज्यादा सुरक्षित डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराना है।
AI से किशोरों की उम्र पहचानने की तैयारी
Meta किशोरों की सुरक्षा के लिए AI आधारित age-assurance तकनीक को भी मजबूत करने पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य यह पहचानना है कि कोई यूजर किशोर है या नहीं, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे Teen Account जैसी अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएं दी जा सकें।
उम्र की सही पहचान सोशल मीडिया कंपनियों के लिए लगातार बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई बार कम उम्र के यूजर अपनी वास्तविक उम्र से अधिक उम्र दर्ज करके प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बना लेते हैं। ऐसे मामलों में AI आधारित तकनीक कंपनी को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने में मदद कर सकती है।
Like और Reaction Count भी किए जा सकते हैं सीमित
प्रस्तावित बदलाव सिर्फ स्क्रीन टाइम तक सीमित नहीं हैं। समझौते में किशोरों के लिए Like और Reaction Count को छिपाने, कुछ कॉस्मेटिक फिल्टरों पर प्रतिबंध लगाने और गैर-व्यक्तिगत यानी non-personalized feed का विकल्प देने जैसे कदम भी शामिल हैं।
इन बदलावों के पीछे उद्देश्य सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और लगातार तुलना से पैदा होने वाले दबाव को कम करना है। किशोरों को अधिक उम्र-अनुकूल कंटेंट और अपेक्षाकृत सुरक्षित डिजिटल माहौल देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
Meta ने यह भी कहा है कि TikTok और YouTube जैसे अन्य लोकप्रिय प्लेटफॉर्मों को भी बच्चों और किशोरों के लिए इसी तरह के सुरक्षा मानक अपनाने चाहिए। कंपनी का तर्क है कि अगर एक प्लेटफॉर्म पर समय सीमा लागू होती है और दूसरे पर नहीं, तो किशोर आसानी से दूसरी ऐप का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।
क्या भारत में आज रात से लागू होगा नया नियम?
यह इस पूरी खबर से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार भारत में Instagram और Facebook के सभी किशोर यूजर्स के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप बंद करने का यह नया अमेरिकी नियम लागू होने की घोषणा नहीं हुई है।
भारत में Meta पहले से ही Instagram Teen Accounts के तहत किशोरों के लिए कई सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करा चुका है। इनमें रात के समय नोटिफिकेशन को म्यूट करने और किशोरों को सोने के समय सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसलिए वायरल पोस्ट या सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि भारत में भी Instagram और Facebook रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद हो जाएंगे।
अभी न्यायिक मंजूरी का इंतजार
Meta और अमेरिकी राज्यों के बीच हुआ समझौता अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। इसे लागू करने के लिए न्यायिक मंजूरी जरूरी है। कंपनी के मुताबिक Night Mode और Time Limit से जुड़े शुरुआती प्रावधानों को पांच साल तक लागू रखने की प्रतिबद्धता होगी।
अगर TikTok और YouTube जैसी अन्य बड़ी सोशल मीडिया और वीडियो सेवाएं भी इसी तरह की व्यवस्था अपनाती हैं, तो भविष्य में किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल से जुड़े नियम और सख्त हो सकते हैं।
किशोरों की डिजिटल सुरक्षा पर बढ़ता दबाव
Meta का यह कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर किशोरों की सुरक्षा को लेकर बढ़ते दबाव का संकेत है। रात में ऐप इस्तेमाल पर रोक, रोजाना दो घंटे की सीमा, स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन को सीमित करना, पैरेंटल कंट्रोल और AI आधारित उम्र पहचान जैसी व्यवस्थाएं आने वाले समय में सोशल मीडिया के इस्तेमाल का तरीका बदल सकती हैं।
फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि अमेरिका में प्रस्तावित इस समझौते को भारत में Instagram और Facebook के तत्काल बंद होने के रूप में न देखा जाए। इसके प्रावधानों का दायरा और लागू होने की स्थिति अलग है। भारत में किशोरों के लिए Meta की मौजूदा Teen Account सुरक्षा सुविधाएं अलग व्यवस्था के तहत काम करती हैं।