नई दिल्ली: रात में सोने का तरीका सिर्फ आराम से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि शरीर की मुद्रा और खासकर कमर, कूल्हों तथा रीढ़ पर पड़ने वाले दबाव से भी इसका संबंध हो सकता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से चर्चा में है, जिसमें करवट लेकर सोते समय दोनों पैरों के बीच तकिया रखने को आरामदायक नींद और बेहतर बॉडी अलाइनमेंट से जोड़ा गया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि इस छोटे से बदलाव से रीढ़ पर दबाव कम करने, कूल्हों को सपोर्ट देने और शरीर की मुद्रा को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस तरह की सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए हर दावे को चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञ स्रोतों के अनुसार, करवट लेकर सोने वालों के लिए घुटनों के बीच तकिया रखना वास्तव में रीढ़, कूल्हों और पेल्विस को बेहतर स्थिति में रखने में मदद कर सकता है।
पैरों के बीच तकिया रखने का तरीका क्यों चर्चा में है?
जब कोई व्यक्ति करवट लेकर सोता है, तो ऊपर वाला पैर नीचे की ओर गिरने या आगे खिंचने से कूल्हों और पेल्विस में हल्का घुमाव पैदा कर सकता है। लंबे समय तक इसी स्थिति में रहने पर कुछ लोगों को कमर, कूल्हे या घुटने के आसपास खिंचाव महसूस हो सकता है।
ऐसे में घुटनों के बीच एक आरामदायक तकिया रखने से दोनों पैरों को अलग-अलग सपोर्ट मिल सकता है। Mayo Clinic के अनुसार, करवट लेकर सोते समय पैरों के बीच तकिया रखने और घुटनों को थोड़ा मोड़ने से रीढ़, पेल्विस और कूल्हों के अलाइनमेंट में मदद मिल सकती है तथा रीढ़ पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है।
1. रीढ़ की स्थिति को बेहतर सपोर्ट मिल सकता है
करवट लेकर सोते समय पैरों के बीच तकिया रखने का सबसे बड़ा संभावित फायदा शरीर के अलाइनमेंट से जुड़ा है। तकिया दोनों पैरों को एक-दूसरे से अलग रखता है और कूल्हों को अत्यधिक घूमने से रोकने में मदद कर सकता है।
इससे कुछ लोगों में रीढ़ को अपेक्षाकृत न्यूट्रल स्थिति में बनाए रखना आसान हो सकता है। Cleveland Clinic भी करवट लेकर सोने वालों के लिए घुटनों के बीच छोटा तकिया रखने को उपयोगी बताता है, क्योंकि इससे कूल्हों की स्थिति संतुलित रखने और कमर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
2. कमर पर पड़ने वाला खिंचाव कम हो सकता है
अगर करवट लेकर सोते समय ऊपर वाला पैर आगे की तरफ गिर जाता है, तो पेल्विस के घूमने के कारण कमर में खिंचाव महसूस हो सकता है। पैरों के बीच तकिया इस स्थिति को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
खासकर उन लोगों को इससे आराम महसूस हो सकता है जिन्हें सुबह उठते समय कमर में जकड़न या हल्का दर्द महसूस होता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए इसका असर समान नहीं होगा और लगातार या तेज दर्द होने पर केवल सोने की मुद्रा बदलना पर्याप्त उपचार नहीं है।
3. कूल्हों और घुटनों को मिल सकता है अतिरिक्त सपोर्ट
सोते समय घुटनों को एक-दूसरे के ऊपर रखने से कुछ लोगों को दबाव या असहजता महसूस हो सकती है। दोनों पैरों के बीच तकिया रखने से घुटनों के बीच कुशनिंग मिलती है और ऊपर वाले पैर को सहारा मिलता है।
Cleveland Clinic के अनुसार, घुटनों के बीच तकिया रखने से कूल्हों को अलाइन करने और पेल्विस पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
4. सोने की मुद्रा ज्यादा आरामदायक हो सकती है
नींद के दौरान शरीर जिस स्थिति में आराम महसूस करता है, वही स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना आसान होता है। यदि करवट लेकर सोने वाले व्यक्ति को पैरों के बीच सपोर्ट मिलने से कमर और कूल्हों पर कम खिंचाव महसूस होता है, तो वह अधिक आराम से सो सकता है।
हालांकि, तकिया बहुत ऊंचा या बहुत पतला होने पर इसका उल्टा असर भी हो सकता है। इसलिए तकिए की ऊंचाई व्यक्ति के शरीर, कूल्हों की चौड़ाई और सोने की स्थिति के अनुसार आरामदायक होनी चाहिए।
5. सुबह की जकड़न में कुछ लोगों को राहत मिल सकती है
गलत सोने की मुद्रा के कारण रातभर शरीर के कुछ हिस्सों पर असमान दबाव बना रह सकता है। सुबह उठने पर इसका असर जकड़न या असहजता के रूप में महसूस हो सकता है।
सही सपोर्ट के साथ सोने से कुछ लोगों में यह परेशानी कम महसूस हो सकती है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि तकिया किसी बीमारी का इलाज नहीं है। लगातार कमर दर्द, पैरों में सुन्नपन, कमजोरी या तेज दर्द जैसी समस्या हो तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
कैसे रखें तकिया?
अगर आप करवट लेकर सोते हैं तो घुटनों को हल्का मोड़कर दोनों पैरों के बीच तकिया रखें। कोशिश करें कि तकिया सिर्फ घुटनों को ही नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार घुटने से नीचे के हिस्से को भी पर्याप्त सपोर्ट दे। बहुत मोटा तकिया कूल्हों को जरूरत से ज्यादा ऊपर उठा सकता है, जबकि बहुत पतला तकिया पर्याप्त सपोर्ट नहीं देगा।
अगर आप पीठ के बल सोते हैं, तो पैरों के बीच तकिया रखने के बजाय घुटनों के नीचे तकिया रखना अधिक उपयुक्त हो सकता है। Mayo Clinic के अनुसार, घुटनों के नीचे तकिया रखने से कमर की प्राकृतिक वक्रता बनाए रखने और पीठ की मांसपेशियों को आराम देने में मदद मिल सकती है।
सोशल मीडिया के दावों को लेकर सावधानी जरूरी
वायरल पोस्ट में रीढ़ की हड्डियों के बीच जगह बढ़ने या डिस्क को विशेष पोषण मिलने जैसे दावे किए गए हैं, लेकिन इन्हें सामान्य व्यक्ति के लिए निश्चित चिकित्सकीय लाभ के रूप में पेश करना उचित नहीं है। तकिया मुख्य रूप से शरीर की स्थिति और सपोर्ट को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
साथ ही, हर व्यक्ति के लिए एक ही सोने की मुद्रा सबसे अच्छी हो, यह जरूरी नहीं। Mayo Clinic के अनुसार, सोने की स्थिति व्यक्ति की समस्या और आराम के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
निष्कर्ष: अगर आप करवट लेकर सोते हैं और रात में कूल्हे या कमर में खिंचाव महसूस करते हैं, तो घुटनों के बीच एक उपयुक्त तकिया रखना आजमाया जा सकता है। यह कोई चमत्कारी उपाय नहीं, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करने पर शरीर के अलाइनमेंट और आराम में मदद कर सकता है। अगर दर्द लगातार बना रहता है या बढ़ रहा है, तो विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर रहेगा।