• होम
  • पश्चिम बंगाल
  • दिलीप घोष का अभिषेक पर हमला, नेपाल बाढ़ पर पर्यटकों को सावधानी की सलाह

दिलीप घोष का अभिषेक पर हमला, नेपाल बाढ़ पर पर्यटकों को सावधानी की सलाह

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय से जुड़े बैनर विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई गतिविधि कानून के खिलाफ है तो पुलिस की ओर से उसका विरोध किया जाना स्वाभाविक है। […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 28, 2026 1:00 pm IST, Published 2 hours ago

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय से जुड़े बैनर विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई गतिविधि कानून के खिलाफ है तो पुलिस की ओर से उसका विरोध किया जाना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की प्रक्रिया सभी के लिए समान होनी चाहिए।

दिलीप घोष ने इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी को शायद अभी भी लगता है कि राज्य में पहले जैसी उनकी सरकार है और उनकी इच्छा के अनुसार ही व्यवस्था चलेगी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सबसे ऊपर है और किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को कानून से अलग नहीं माना जा सकता।

उनके बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है। राज्य में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार चलता रहा है और पार्टी कार्यालयों, बैनर तथा अन्य राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े विवाद कई बार बड़े राजनीतिक मुद्दे बन जाते हैं। दिलीप घोष ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि प्रशासनिक और कानूनी मामलों में राजनीतिक दबाव के बजाय नियमों का पालन प्राथमिकता होनी चाहिए।

दूसरी ओर, दिलीप घोष ने नेपाल में आई बाढ़ की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे गंभीर प्राकृतिक आपदा बताते हुए कहा कि भारत की ओर से नेपाल के लिए सहायता भेजी गई है। उन्होंने कहा कि आपदा का असर काफी व्यापक है और फिलहाल यह स्पष्ट रूप से बताना मुश्किल है कि कितने लोग इसकी चपेट में आए हैं और कौन-कौन से लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं।

दिलीप घोष ने कहा कि बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित लोगों की सही जानकारी जुटाना और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने भारत में हुई पिछली प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए केदारनाथ की घटना का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे लोगों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

उन्होंने नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी। दिलीप घोष के मुताबिक, प्राकृतिक आपदा की आशंका वाले इलाकों में जाने से पहले पर्यटकों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों की जानकारी लेनी चाहिए। बाढ़, भूस्खलन या खराब मौसम की स्थिति में अनावश्यक जोखिम उठाने से बचना जरूरी है।

दिलीप घोष के बयान में जहां पश्चिम बंगाल के राजनीतिक विवाद को लेकर कानून और प्रशासन की भूमिका पर जोर दिया गया, वहीं नेपाल की बाढ़ को लेकर उन्होंने मानवीय चिंता जताते हुए राहत प्रयासों और पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।

Advertisement