प्रयागराज में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 11 की मौत

8 बच्चे शामिल; 100 मीटर के दायरे में 8 मकान क्षतिग्रस्त, गोदाम पर चला बुलडोजर प्रयागराज/कौशांबी। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। धमाका इतना तेज था […]

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  • September 1, 2026 5:47 am IST, Published 17 seconds ago

8 बच्चे शामिल; 100 मीटर के दायरे में 8 मकान क्षतिग्रस्त, गोदाम पर चला बुलडोजर

प्रयागराज/कौशांबी। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ घर पूरी तरह ढह गए।

घटना कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में दोपहर करीब साढ़े 11 बजे हुई। यह इलाका प्रयागराज सीमा पर है और यहां से मनौरी एयरफोर्स स्टेशन करीब 2 किलोमीटर दूर है।

100 मीटर के दायरे में कई मकान क्षतिग्रस्त

विस्फोट के बाद पटाखा फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई। पुलिस के मुताबिक, करीब 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई मकानों की दीवारों में बड़े-बड़े छेद हो गए, जबकि 5-6 मकान पूरी तरह ढह गए।

धमाके की आवाज करीब 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद इलाके में धुएं का गुबार छा गया। स्थानीय ग्रामीणों ने घायलों को चारपाई और अन्य साधनों से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

रेलवे लाइन पर भी पड़ा असर

विस्फोट का असर करीब 500 मीटर दूर स्थित प्रयागराज-कानपुर रेल मार्ग पर भी पड़ा। धमाके के कारण रेलवे की OHE यानी ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन प्रभावित हुई। इसके चलते कानपुर से प्रयागराज की ओर आने वाली ट्रेनों का संचालन करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा।

रेलवे इंजीनियरों ने मौके पर पहुंचकर लाइन की मरम्मत की, जिसके बाद रेल यातायात दोबारा शुरू किया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में 200 जवान जुटे

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 200 जवानों ने राहत और बचाव अभियान चलाया। मलबा हटाने के लिए 10 बुलडोजर लगाए गए।

हादसे के वक्त फैक्ट्री के अंदर कितने लोग मौजूद थे, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। प्रशासन ने मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया।

5 घायलों का अस्पताल में इलाज

हादसे में घायल हुए 5 लोगों को प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पीहू नाम की एक बच्ची का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार की व्यवस्था की गई है।

बिजली के तारों से चिंगारी निकलने की आशंका

स्थानीय महिला रानी ने बताया कि जिस मकान में पटाखा फैक्ट्री चल रही थी, उसके ऊपर से बिजली के तार गुजरते हैं। उनके मुताबिक, तारों से चिंगारी निकली और इसके बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हो गया।

हालांकि, विस्फोट की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

600 वर्गफीट में चल रही थी अवैध फैक्ट्री

पुलिस के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री करीब 600 वर्गफीट क्षेत्र में बनी एक मंजिला इमारत में संचालित हो रही थी। बताया गया है कि फैक्ट्री के आसपास नई बस्ती भी विकसित हो रही थी, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस ने फैक्ट्री संचालक आदिल, उसके पिता नौशाद, चाचा शकील और परिवार की तीन महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक महिला को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हादसे के बाद गोदाम पर चला बुलडोजर

जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोषियों की संपत्ति कुर्क करने की बात भी कही।

हादसे के करीब 8 घंटे बाद रात साढ़े 7 बजे फैक्ट्री से लगभग 400 मीटर दूर स्थित एक गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया गया। प्रशासन ने अवैध निर्माण और पटाखों के भंडारण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान भी घटनास्थल पर पहुंचीं और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में तीन परिवारों के 8 बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। एक रेलवे कर्मचारी के परिवार के कई सदस्यों की भी हादसे में जान चली गई। बताया जा रहा है कि परिवार में केवल एक बेटी जीवित बची है।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस की ओर से हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि अवैध फैक्ट्री में पटाखों और विस्फोटक सामग्री का भंडारण किस तरह किया जा रहा था और सुरक्षा नियमों की किस स्तर पर अनदेखी हुई।

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