साओ पाउलो, ब्राज़ील: प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता श्री प्रेम रावत जी ने अपने दक्षिण अमेरिका दौरे के समापन कार्यक्रम में जीवन को भविष्य की चिंताओं के बजाय वर्तमान में जीने का संदेश दिया। 30 मार्च 2024 को ब्राज़ील के साओ पाउलो में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इंसान अक्सर आने वाले कल की तैयारी में अपना आज खो देता है, जबकि वास्तविक जीवन का अनुभव वर्तमान क्षण में ही संभव है।
कार्यक्रम में हिन्दी अनुवाद की सुविधा भी उपलब्ध रही। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रेम रावत जी ने जीवन, संतुष्टि और आत्मिक अनुभव से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार साझा किए। उनका मुख्य संदेश यही रहा कि व्यक्ति को अतीत के दर्द और भविष्य की आशंकाओं का बोझ अपने वर्तमान जीवन पर नहीं डालना चाहिए।
‘आने वाला कल कभी नहीं आता’
प्रेम रावत जी ने अपने संबोधन में कहा, “भले ही आप ‘आने वाले कल’ के लिए तैयार हों, फिर भी वह कल कभी नहीं आता।” उन्होंने समझाया कि मनुष्य अक्सर अपने हर काम को भविष्य की परिस्थितियों के हिसाब से करने की कोशिश करता रहता है। इस प्रक्रिया में वर्तमान क्षण की वास्तविकता और उसकी संभावनाएं पीछे छूट जाती हैं।
उन्होंने कहा कि वह लोगों को आज के महत्व को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, जीवन को बेहतर ढंग से अनुभव करने के लिए व्यक्ति को केवल भविष्य की योजनाओं में उलझे रहने के बजाय आज को समझना और जीना आवश्यक है।
अतीत के दर्द को भविष्य तक न ले जाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान प्रेम रावत जी ने लोगों से अतीत में हुए संघर्षों और दर्द को अपने भविष्य का हिस्सा नहीं बनाने की अपील की। उनका कहना था कि बीते हुए समय को बदला नहीं जा सकता, लेकिन वर्तमान में व्यक्ति अपने दृष्टिकोण और अनुभव को बदलने की दिशा में कदम उठा सकता है।
उन्होंने उपस्थित लोगों को संघर्ष और अनावश्यक चिंता से दूर रहने का संदेश दिया। उनके अनुसार, जब इंसान लगातार बीती घटनाओं या आने वाली परिस्थितियों के बारे में सोचता रहता है, तो उसका ध्यान उस क्षण से हट जाता है जो वास्तव में उसके सामने मौजूद है।
उनका जोर इस बात पर रहा कि जीवन की वास्तविकता को समझने के लिए वर्तमान क्षण के साथ जुड़ना जरूरी है।
संतुष्टि केवल विचार नहीं, अनुभव है
प्रेम रावत जी ने सच्ची संतुष्टि के विषय पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि संतुष्टि की प्रत्याशा को केवल तर्क या प्रमाण के माध्यम से साबित नहीं किया जा सकता। इसे वास्तव में अनुभव किया जा सकता है।
उन्होंने उपस्थित लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि किसी आंतरिक अनुभव को केवल शब्दों या बाहरी प्रमाणों के आधार पर समझना पर्याप्त नहीं है। उसके लिए व्यक्ति को स्वयं उस अनुभव के लिए तैयार होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जीवन में वास्तविक संतुष्टि का अनुभव करना चाहता है, तो उसे उस अनुभव को स्वीकार करने और महसूस करने के लिए तैयार रहना होगा।
‘आज के लिए जीने’ का संदेश
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण संदेश वर्तमान में जीने को लेकर रहा। प्रेम रावत जी ने कहा कि मनुष्य अक्सर अपने वर्तमान को भविष्य की योजनाओं के लिए इस्तेमाल करता रहता है। वह सोचता है कि जब परिस्थितियां बेहतर होंगी, तब वह वास्तव में जीवन का आनंद लेगा। लेकिन इस सोच के कारण वर्तमान लगातार भविष्य में बदलता चला जाता है।
उनके संदेश का सार यही था कि जीवन को किसी काल्पनिक बेहतर समय के इंतजार में नहीं छोड़ना चाहिए। आज जो अवसर मौजूद है, उसे समझना और उसका अनुभव करना जरूरी है।
दक्षिण अमेरिका दौरे का हुआ समापन
साओ पाउलो में आयोजित यह कार्यक्रम श्री प्रेम रावत जी के बहुप्रतीक्षित 2024 दक्षिण अमेरिका दौरे के समापन कार्यक्रमों में शामिल रहा। दौरे के दौरान उन्होंने जीवन, शांति, आत्मिक अनुभव और वर्तमान क्षण के महत्व जैसे विषयों पर लोगों से संवाद किया।
साओ पाउलो कार्यक्रम में भी उन्होंने अपने संबोधन को इसी व्यापक संदेश से जोड़ा कि मनुष्य अपने भीतर मौजूद शांति और संतुष्टि को पहचानने की दिशा में आगे बढ़े।
वर्तमान को समझने पर दिया जोर
प्रेम रावत जी के अनुसार, जीवन को पूरी तरह जीने की प्रत्याशा केवल भविष्य की किसी परिस्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोगों को अपने हृदय तक पहुंचने और स्वयं के भीतर मौजूद अनुभव को समझने की दिशा में ध्यान देने की बात कही।
उनके संदेश में भविष्य की अनिश्चितताओं और अतीत के अनुभवों के बीच वर्तमान के महत्व को केंद्र में रखा गया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को आज के क्षण को जीने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि वास्तविक अनुभव उसी में संभव है।
साओ पाउलो में दिया गया उनका यह संदेश उन लोगों के लिए खास रहा, जो जीवन में शांति, संतुष्टि और सकारात्मक दृष्टिकोण की तलाश कर रहे हैं। कार्यक्रम का मूल भाव यही रहा कि कल की चिंता में आज को न खोएं और जीवन को वर्तमान क्षण में अनुभव करने के लिए स्वयं को तैयार करें।
मुख्य संदेश
संजय राय एक प्रेरणादायी चिंतक, शांति संदेशवाहक और समाज हितैषी लेखक हैं।