पटना। राजधानी पटना में खरीदारी, खान-पान और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए मशहूर मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स अब नए रूप में नजर आएगा। चार दशक से अधिक समय से पटना की पहचान का हिस्सा रहे इस पुराने व्यावसायिक परिसर के कायाकल्प की तैयारी की जा रही है।
चाट और फास्ट फूड की दुकानों से लेकर कपड़े, ज्वेलरी के शोरूम और विभिन्न कार्यालयों तक, मौर्यालोक लंबे समय से पटना के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा रहा है। अब मौजूदा चार मंजिला इमारत की जगह आधुनिक बहुमंजिली व्यावसायिक इमारत विकसित करने की योजना है।
मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स करीब 13 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्तमान में यहां लगभग 395 दुकानें हैं। इसके अलावा परिसर में कई कार्यालय भी संचालित होते हैं।
प्रस्तावित नए स्वरूप में मौर्यालोक को सिर्फ खरीदारी का बाजार नहीं, बल्कि आधुनिक व्यावसायिक और नागरिक सुविधाओं से युक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां आधुनिक दुकानें, कार्यालय, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और लोगों की जरूरत के मुताबिक अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मौर्यालोक का कायाकल्प केवल पुरानी इमारत को हटाकर नई इमारत बनाने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इस परिसर से पटना के हजारों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें और पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं।
कपड़े और ज्वेलरी की खरीदारी से लेकर चाट-फास्ट फूड का स्वाद लेने तक, मौर्यालोक अलग-अलग वर्ग के लोगों के लिए लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। युवाओं के बीच भी यह मिलने-जुलने और समय बिताने की लोकप्रिय जगह रही है।
ऐसे में नए स्वरूप में लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ अधिक व्यवस्थित बाजार और आधुनिक माहौल मिलने की उम्मीद है।
मौर्यालोक के अलावा पटना की बाजार समिति को भी नए स्वरूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित विकास के तहत यहां वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, दुकानें और कार्यालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इससे कृषि उपज के भंडारण और कारोबार से जुड़े किसानों एवं व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर भंडारण सुविधाओं से कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने और व्यापारिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।
मौर्यालोक और बाजार समिति के कायाकल्प की योजनाओं से पटना के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। एक ओर मौर्यालोक को आधुनिक शॉपिंग और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, वहीं बाजार समिति में भंडारण और व्यापार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पटना के लोगों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर व्यवस्थित बाजार और व्यावसायिक ढांचा मिलने की उम्मीद है।