अफजाल अंसारी की पत्नी को चार साल बाद कोठी वापस मिली

लखनऊ: माफिया मुख्तार अंसारी की भाभी और सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी की लखनऊ स्थित कोठी का ताला बुधवार को खोल दिया गया। डालीबाग स्थित इस संपत्ति को गाजीपुर पुलिस ने वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए सील किया था। अब अदालत के आदेश के बाद नगर निगम लखनऊ […]

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  • September 2, 2026 6:10 pm IST, Published 59 minutes ago

लखनऊ: माफिया मुख्तार अंसारी की भाभी और सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी की लखनऊ स्थित कोठी का ताला बुधवार को खोल दिया गया। डालीबाग स्थित इस संपत्ति को गाजीपुर पुलिस ने वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए सील किया था। अब अदालत के आदेश के बाद नगर निगम लखनऊ की टीम ने सील हटाने की प्रक्रिया पूरी की।

यह संपत्ति डालीबाग में प्लॉट संख्या 21/14 बी पर स्थित है और इसका क्षेत्रफल करीब 6,700 वर्गफीट बताया गया है। बुधवार को नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और कोठी पर लगाए गए ताले को खोल दिया।

गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश के बाद 28 अक्टूबर 2022 को इस कोठी को सील किया गया था। कार्रवाई के दौरान गाजीपुर पुलिस की ओर से सील किए जाने से संबंधित बोर्ड भी लगाया गया था। बाद में सील की गई संपत्ति को गाजीपुर पुलिस ने नगर निगम लखनऊ के सुपुर्द कर दिया था। सील किए जाने के कुछ समय बाद कोठी के मुख्य चैनल पर लगा ताला टूटा हुआ पाया गया था। इसके बाद नगर निगम ने दोबारा ताला लगाकर उसे सुरक्षित किया था। संपत्ति की सुरक्षा के लिए ताले पर लॉक और कपड़ा लपेटकर उसे बंद किया गया था।

फरहत अंसारी की ओर से गाजीपुर के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सील की गई कोठी में चोरी होने की शिकायत भी की गई थी। उन्होंने बताया था कि अराजक तत्वों ने कोठी का ताला तोड़कर घर में रखा घरेलू और अन्य सामान निकाल लिया। शिकायत के मुताबिक, स्थानीय लोगों के जरिए उन्हें संपत्ति में चोरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद इस मामले को लेकर प्रशासन को अवगत कराया गया था।

मुख्तार अंसारी से जुड़ी संपत्तियों की जांच के दौरान गाजीपुर पुलिस को डालीबाग स्थित इस संपत्ति के बारे में जानकारी मिली थी। जांच के बाद पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति को सील करने की कार्रवाई की थी। मुख्तार अंसारी से जुड़ी अन्य संपत्तियों और निर्माणों पर भी प्रशासन की कार्रवाई हुई थी। कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। पुलिस और प्रशासन की ओर से उस समय मुख्तार से जुड़ी संपत्तियों की जांच और कार्रवाई का अभियान चलाया गया था।

कोठी को लेकर कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत के आदेश पर नगर निगम लखनऊ ने बुधवार को सील खोल दी। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर संपत्ति का ताला खोला। इसके साथ ही वर्ष 2022 में की गई सीलिंग कार्रवाई का मौजूदा चरण समाप्त हो गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब मुख्तार अंसारी से जुड़ी संपत्तियों को लेकर पहले भी उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई होती रही है। डालीबाग की इस कोठी पर हुई कार्रवाई भी इसी क्रम में सामने आई थी।

 

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