प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की RO/ARO परीक्षा पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो साल से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की लखनऊ टीम ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के सक्रिय सदस्य अनुराग मिश्रा और पुष्कर पांडेय को मंगलवार को विभूतिखंड इलाके से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के कब्जे से एक कार, नकदी, तीन मोबाइल फोन और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं। इस मामले में अब तक 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पेपर लीक मामले में फरार चल रहे आरोपियों की संख्या भी कम हुई है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से वर्ष 2024 में समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा का पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। मामले में प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद मामले की जांच एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ को सौंपी गई। एएसपी एसटीएफ लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में जांच शुरू हुई। जांच के दौरान पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें कथित मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा समेत कई अन्य लोग शामिल थे।
एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी पुष्कर पांडेय प्रयागराज के फूलपुर में दर्ज हत्या के एक मामले में भी फरार चल रहा था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय और आदित्य सिंह की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि अनुराग मिश्रा का संबंध राजीव नयन मिश्रा से रहा है। दोनों वर्ष 2015 से 2018 के बीच भोपाल में साथ रहे थे। बताया गया है कि राजीव प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े काम के अलावा निजी कॉलेजों में एमबीबीएस, बीटेक सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले कराने का काम करता था।
इसी दौरान अनुराग को कथित तौर पर सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर आउट कराने के नेटवर्क की जानकारी हुई। पूछताछ में अनुराग ने वर्ष 2023 के एनएचएम पेपर लीक मामले में भी अपना नाम सामने आने की बात स्वीकार की। इस मामले में ग्वालियर में मुकदमा दर्ज हुआ था और अनुराग को राजीव नयन के साथ दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जेल से बाहर आने के बाद अनुराग दोबारा भोपाल में राजीव नयन के संपर्क में रहा।
पुष्कर की गिरफ्तारी के बाद जांच के तार एक अन्य आपराधिक नेटवर्क से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। पूछताछ में उसके संबंध अनुराग मिश्रा के अलावा आकाश मिश्रा से भी सामने आए हैं।
आकाश मिश्रा को अप्रैल 2025 में दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार दलाल हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हत्याकांड की साजिश कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने रची थी। आरोप है कि राजकुमार दलाल की हत्या के बाद शूटरों को छिपाने, हथियार और पैसे उपलब्ध कराने तथा उन्हें विदेश भेजने में आकाश और अनुराग मिश्रा की भूमिका रही थी।
एसटीएफ के मुताबिक, अनुराग करीब डेढ़ साल से फरार था, जबकि पुष्कर भी कई मामलों में वांछित चल रहा था। दोनों की गिरफ्तारी से RO/ARO पेपर लीक मामले की जांच में नए सुराग मिलने की उम्मीद है।