भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सारंग हेलिकॉप्टर प्रदर्शन टीम मिस्र पहुंच गई है। टीम अल अलामीन अंतर्राष्ट्रीय एयरशो के दूसरे संस्करण में हिस्सा लेगी। यह एयरशो 8 से 10 सितंबर 2026 तक अल अलामीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में दुनिया के कई देशों की वायु सेनाओं के साथ एयरोस्पेस, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और पेशेवर भी शामिल होंगे।
सारंग टीम की मिस्र में मौजूदगी भारत और मिस्र के बीच लगातार मजबूत हो रहे रक्षा संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारतीय वायु सेना की ओर से अंतरराष्ट्रीय एयरशो में नियमित भागीदारी के जरिए देश की सैन्य क्षमता, उड़ान कौशल और स्वदेशी तकनीक को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाता है। अल अलामीन एयरशो में सारंग का प्रदर्शन इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
सारंग टीम की खास पहचान इसके एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर यानी एएलएच ध्रुव पर आधारित प्रदर्शन से है। यह हेलिकॉप्टर भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है। टीम इसी स्वदेशी हेलिकॉप्टर के जरिए हवा में बेहद सटीक और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेशन प्रदर्शित करती है। करीबी दूरी पर उड़ान भरते हुए सामंजस्यपूर्ण युद्धाभ्यास और तेज बदलाव सारंग के प्रदर्शन की प्रमुख विशेषताएं हैं।
टीम के पायलटों को जटिल हवाई करतबों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदर्शन के दौरान हेलिकॉप्टरों के बीच बेहद कम दूरी और सटीक तालमेल की आवश्यकता होती है। ऐसे में पायलटों का अनुभव, अनुशासन और आपसी समन्वय प्रदर्शन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सारंग की प्रस्तुति दर्शकों को भारतीय वायु सेना के पेशेवर कौशल के साथ-साथ एएलएच ध्रुव की क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर देती है।

मिस्र के एयरशो में सारंग टीम अपने लोकप्रिय ‘डॉल्फिन लीप’ करतब का प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा टीम पहली बार ‘स्पॉट स्टॉल टर्न’ नामक नया करतब भी प्रस्तुत करेगी। नए और पुराने दोनों तरह के हवाई करतबों के संयोजन से टीम अपने प्रदर्शन को और प्रभावशाली बनाने की तैयारी में है। सारंग की उड़ानें केवल मनोरंजन या रोमांच तक सीमित नहीं हैं। इनके जरिए भारतीय वायु सेना अपने उड़ान कौशल और स्वदेशी एयरोस्पेस तकनीक की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने रखती है।
एएलएच ध्रुव की बहुमुखी उपयोगिता और प्रदर्शन क्षमता भी इस दौरान प्रमुखता से सामने आएगी।अल अलामीन अंतर्राष्ट्रीय एयरशो में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वायु प्रदर्शन टीमें हिस्सा ले रही हैं। ऐसे में भारतीय सारंग टीम को विभिन्न देशों के विमानन विशेषज्ञों और प्रदर्शन टीमों के साथ संवाद और पेशेवर संबंध मजबूत करने का अवसर भी मिलेगा। एयरशो सैन्य और नागरिक विमानन से जुड़े क्षेत्रों के लिए अनुभव साझा करने तथा नई तकनीकों और क्षमताओं को देखने का महत्वपूर्ण मंच है।
मिस्र के आसमान में सारंग टीम का प्रदर्शन भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमताओं और वायु सेना के पेशेवर प्रशिक्षण को प्रदर्शित करेगा। साथ ही यह भारत-मिस्र के बीच रक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने में भी योगदान कर सकता है। भारतीय दल के प्रदर्शन पर एयरशो में मौजूद विमानन विशेषज्ञों और दर्शकों की विशेष नजर रहेगी।