दिल्ली: भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय संपर्क के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के इस आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री की रूस यात्रा और शिखर सम्मेलन की तारीखों का निर्धारण दोनों देशों के बीच राजनयिक माध्यमों से आपसी सुविधा के आधार पर किया जाएगा।
भारत और रूस के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख तंत्र माना जाता है। इस बैठक में आमतौर पर राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाती है। ऐसे में अगले शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का रूस दौरा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच दिल्ली में भी मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत मंडपम में आयोजित INNOPROM प्रदर्शनी का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी में भारत और रूस से जुड़े औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग को प्रदर्शित करने वाले पहलुओं का अवलोकन किया।
Presented President Putin with a Russian translation of the Thirukkural, which carries the eternal wisdom of the great Thiruvalluvar across languages and borders. pic.twitter.com/rvk3rRDnvg
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
INNOPROM रूस की प्रमुख औद्योगिक प्रदर्शनियों में शामिल है, जिसमें विनिर्माण, तकनीक और उद्योग से जुड़े क्षेत्रों को प्रमुखता दी जाती है। भारत मंडपम में दोनों नेताओं का प्रदर्शनी का दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत और रूस के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति पुतिन की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को रूस आने का निमंत्रण दोनों देशों के बीच लगातार जारी शीर्ष स्तर के संपर्क का भी संकेत देता है। दोनों देशों के नेता नियमित रूप से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर मुलाकात करते रहे हैं। वार्षिक शिखर सम्मेलन इसी संवाद को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने का प्रमुख माध्यम है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इसे दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार राजनयिक चैनलों के जरिए अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे यह साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा का कार्यक्रम आपसी सहमति के बाद आधिकारिक रूप से निर्धारित किया जाएगा।
भारत और रूस के संबंध लंबे समय से रक्षा और ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर आधारित रहे हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच दोनों देशों के बीच शीर्ष नेतृत्व का संवाद भी लगातार बना हुआ है। आगामी शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष अपने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा करने के साथ भविष्य के सहयोग की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा कर सकते हैं।
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पुतिन का निमंत्रण स्वीकार किया जाना आगामी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। तारीख तय होने के बाद प्रधानमंत्री की रूस यात्रा का औपचारिक कार्यक्रम और बैठक से जुड़े अन्य विवरण सामने आने की उम्मीद है।