नई दिल्ली | पूर्वी दिल्ली के दल्लूपुरा इलाके में रविवार दोपहर एक प्लाईवुड/लकड़ी के सामान के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार उठने लगा। घटनास्थल से उठता धुआं काफी दूर तक दिखाई दिया, जिसके बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन विभाग ने तत्काल मोर्चा संभाला और कई दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा।
दोपहर 3:20 बजे मिली आग की सूचना
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली अग्निशमन सेवा को दल्लूपुरा स्थित गोदाम में आग लगने की सूचना रविवार दोपहर करीब 3:20 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया गया।
गोदाम में लकड़ी और प्लाईवुड जैसे ज्वलनशील सामान की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका जताई गई। यही वजह रही कि घटनास्थल से निकलने वाला धुआं बेहद घना और काला नजर आया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में भी आसमान की ओर उठता धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दे रहा है।
काले धुएं ने बढ़ाई लोगों की चिंता
आग की लपटों के साथ निकल रहे काले धुएं ने आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी। सड़क से गुजर रहे लोगों की नजर भी धुएं के विशाल गुबार पर टिक गई। कई किलोमीटर दूर से भी धुएं का असर दिखाई देने की बात सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर सामने आए दृश्यों में घटनास्थल के आसपास वाहनों की आवाजाही और घनी आबादी के बीच आसमान में छाया धुआं साफ दिखाई दे रहा है। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास तेज किया।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग की प्राथमिकता पहले आग पर पूरी तरह काबू पाने और आसपास के क्षेत्र में किसी संभावित खतरे को रोकने की है। आग बुझने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोदाम में आग किस वजह से लगी और इससे कितना नुकसान हुआ।
अधिकारियों की ओर से आग के कारणों और संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन बाद में किए जाने की संभावना है। शुरुआती रिपोर्टों में किसी के अंदर फंसे होने की सूचना नहीं मिली है और दल्लूपुरा की इस घटना में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
आसपास के इलाकों में भी दिखा धुआं
दल्लूपुरा में लगी आग का धुआं इतना घना था कि आसपास के क्षेत्रों से भी इसे देखा गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने धुएं की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। कई लोगों ने इसे बेहद गंभीर आग बताया और दमकल विभाग की कार्रवाई की जानकारी साझा की।
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित गोदामों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे गोदामों में जहां लकड़ी, प्लाईवुड या अन्य आसानी से आग पकड़ने वाली सामग्री रखी जाती है, वहां छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।
दिल्ली में रविवार को आग की दो घटनाएं
दिल्ली में रविवार को आग की यह अकेली बड़ी घटना नहीं थी। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के स्वरूप नगर में भी एक गोदाम-कम-फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें घबराहट के कारण पास की इमारत से नीचे कूदने के दौरान छह लोग घायल हो गए। इसके बाद दोपहर में दल्लूपुरा के पास एक अन्य गोदाम में आग की सूचना सामने आई।
दल्लूपुरा की घटना में राहत की बात यह है कि उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, गोदाम में आग कितनी देर तक जारी रही और संपत्ति को कितना नुकसान हुआ, इसका पूरा आकलन आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही सामने आएगा।
दमकल विभाग की कार्रवाई पर टिकी नजर
फिलहाल दमकल कर्मी आग को नियंत्रित करने और उसे आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकने में जुटे हैं। घटनास्थल पर कूलिंग ऑपरेशन और अन्य आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।
घटना के कारणों की जांच आगे की जाएगी। अधिकारियों के आकलन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग कैसे शुरू हुई और गोदाम में मौजूद सामान को कितना नुकसान पहुंचा। फिलहाल दल्लूपुरा में लगी इस भीषण आग और आसमान में छाए काले धुएं ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध शुरुआती जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आग से हुए नुकसान और कारणों को लेकर आधिकारिक जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।