भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता की किस्तें लगातार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की बहनों के आर्थिक हितों की रक्षा करना और उन्हें योजना का लाभ नियमित रूप से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अब तक लाड़ली बहना योजना के तहत करीब 58 हजार करोड़ रुपये की राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में जमा की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वे एक बार फिर योजना के तहत बहनों को किस्त की राशि वितरित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से महिलाओं के खातों में सीधे राशि पहुंचाने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखा गया है। उन्होंने इसे सरकार की उस प्रतिबद्धता से जोड़कर बताया, जिसके तहत महिलाओं को उनके अधिकार और आर्थिक सहायता का लाभ समय पर देने का प्रयास किया जा रहा है।
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल है। इसके माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार का उद्देश्य इस सहायता के जरिए महिलाओं को घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री के बयान में योजना के माध्यम से महिलाओं तक सीधे आर्थिक मदद पहुंचाने पर जोर दिया गया।
मोहन यादव ने कहा कि सरकार महिलाओं के हितों को लेकर लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार, लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक वितरित की गई बड़ी राशि इस बात को दर्शाती है कि सरकार ने योजना को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए किए जा रहे प्रयास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके खातों में सहायता राशि पहुंचाने का काम भी लगातार किया जा रहा है।
सरकार की ओर से योजना के तहत किस्त जारी किए जाने का सीधा लाभ उन महिलाओं को मिलता है, जो इसके लिए निर्धारित पात्रता के दायरे में आती हैं। बैंक खातों में राशि पहुंचने से लाभार्थियों को आर्थिक सहायता सीधे प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इसी व्यवस्था को सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं और अन्य वर्गों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश में महिला कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जाता है। योजना के तहत मिलने वाली राशि महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए कुछ हद तक आर्थिक स्वतंत्रता उपलब्ध कराने में मदद करती है।
मोहन यादव ने कहा कि सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके हितों के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाने को सरकार की जिम्मेदारी बताया। उनके मुताबिक, अब तक 58 हजार करोड़ रुपये की राशि खातों में पहुंचाया जाना इस दिशा में किए गए काम का बड़ा हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आगे भी योजना के तहत पात्र बहनों को किस्त देने की प्रक्रिया जारी रखेगी। उनका जोर इस बात पर रहा कि महिलाओं को मिलने वाली सहायता नियमित रूप से उनके खातों तक पहुंचती रहे। सरकार के इस रुख से साफ है कि लाड़ली बहना योजना उसके प्रमुख महिला कल्याण कार्यक्रमों में बनी हुई है और इसके तहत आर्थिक सहायता का सिलसिला आगे भी जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।