नई दिल्ली: खूबसूरत और निखरी त्वचा पाने की चाह में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ क्रीम अब स्वास्थ्य को लेकर चिंता का कारण बन गई हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पाकिस्तान में निर्मित दो कॉस्मेटिक उत्पादों—Goree Beauty Cream और Chandni Whitening Cream—को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। CDSCO के अनुसार, दोनों उत्पाद भारत में बिक्री के लिए अधिकृत नहीं हैं और जांच में इनमें निर्धारित सीमा से अधिक भारी धातुएं पाई गई हैं, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
बिना अनुमति भारत में बिक्री को लेकर चेतावनी
CDSCO की 8 सितंबर 2026 की सार्वजनिक सूचना के मुताबिक, कॉस्मेटिक उत्पादों का भारत में निर्माण और आयात निर्धारित कानूनों एवं नियमों के तहत नियंत्रित होता है। भारत में आयात किए जाने वाले कॉस्मेटिक्स के लिए संबंधित पंजीकरण और नियामकीय अनुमति जरूरी होती है। संगठन ने जांच के आधार पर इन दोनों उत्पादों को अनधिकृत कॉस्मेटिक्स बताया है।
नियामक के मुताबिक Goree Beauty Cream और Chandni Whitening Cream, दोनों पाकिस्तान में निर्मित हैं। CDSCO ने स्पष्ट किया है कि इन उत्पादों को भारत में बिक्री के लिए सक्षम प्राधिकरण की ओर से आयात पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद इनके भारतीय बाजार में पहुंचने और बिकने की बात सामने आई है।
जांच में मिलीं तय सीमा से ज्यादा भारी धातुएं
इस पूरे मामले की सबसे गंभीर बात उत्पादों में भारी धातुओं की मात्रा से जुड़ी है। CDSCO ने कहा है कि परीक्षण और विश्लेषण के दौरान इन दोनों अनधिकृत कॉस्मेटिक्स में निर्धारित सीमा से अधिक भारी धातुएं पाई गईं। संगठन ने इसे संभावित स्वास्थ्य जोखिम से जोड़ा है।
यहां यह समझना जरूरी है कि CDSCO की मौजूदा सार्वजनिक चेतावनी में दोनों उत्पादों के लिए सामान्य रूप से “excessive heavy metals” का उल्लेख किया गया है। इसलिए बिना आधिकारिक परीक्षण रिपोर्ट के यह कहना उचित नहीं होगा कि हर पैक में निश्चित रूप से कोई एक खास धातु मौजूद है या हर उपयोगकर्ता को निश्चित रूप से कोई बीमारी होगी।
हालांकि, भारी धातुओं की अधिक मात्रा वाले कॉस्मेटिक्स को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंता गंभीर है। लंबे समय तक किसी संदिग्ध उत्पाद का इस्तेमाल शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, इसलिए नियामक की चेतावनी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
स्किन व्हाइटनिंग क्रीम को लेकर बढ़ी चिंता
त्वचा को गोरा या चमकदार बनाने का दावा करने वाली क्रीम लंबे समय से बाजार में लोकप्रिय रही हैं। इन उत्पादों की मांग का फायदा उठाकर कुछ निर्माता ऐसे रसायनों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो त्वचा पर तेजी से असर दिखाते हैं, लेकिन लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
भारत में भी समय-समय पर कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों में निर्धारित मानकों के उल्लंघन की जानकारी सामने आती रही है। CDSCO के उपलब्ध आंकड़ों में पाकिस्तान में निर्मित कुछ अन्य ब्यूटी क्रीम में पारा (Mercury) से संबंधित परीक्षण विफल होने के मामले भी दर्ज हैं।
पाकिस्तान में भी वर्ष 2025 में Competition Commission of Pakistan ने कुछ स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम में अत्यधिक पारे की मौजूदगी को लेकर कार्रवाई और जांच की बात कही थी। आयोग ने पारे को स्वास्थ्य के लिए विषैला बताते हुए किडनी, तंत्रिका तंत्र और त्वचा पर संभावित नुकसान की चेतावनी दी थी।
पहले भी सामने आया था Goree Cream का मामला
Goree Beauty Cream को लेकर इससे पहले भी भारत में स्वास्थ्य संबंधी विवाद सामने आ चुका है। जुलाई 2026 में महाराष्ट्र में अधिकारियों ने पाकिस्तान निर्मित Goree Beauty Cream की बिक्री और वितरण पर कार्रवाई की थी। रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षण में उत्पाद में अत्यधिक मात्रा में पारा पाया गया था और उत्पाद के पैकेज से जुड़ी अन्य नियामकीय चिंताएं भी सामने आई थीं।
इस घटनाक्रम के बाद अब CDSCO की ताजा चेतावनी ने इस मामले को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।
ऑनलाइन खरीदारी करने वालों को भी सावधान रहने की जरूरत
आज कॉस्मेटिक्स की खरीदारी केवल दुकानों तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पेज, ऑनलाइन मार्केटप्लेस और दूसरे डिजिटल माध्यमों से भी विदेशी ब्यूटी प्रोडक्ट आसानी से खरीदे जा सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए किसी उत्पाद की पैकेजिंग देखकर उसकी वैधता तय करना मुश्किल हो सकता है।
CDSCO ने अपनी सार्वजनिक सूचना में लोगों से Goree Beauty Cream और Chandni Whitening Cream को खरीदने और इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी है। संगठन ने यह भी कहा है कि लोगों को इनसे मिलते-जुलते नाम वाले संदिग्ध कॉस्मेटिक्स से भी सावधान रहना चाहिए।
क्रीम खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों और नियामकीय चेतावनियों को देखते हुए किसी भी स्किन-लाइटनिंग या ब्यूटी क्रीम को खरीदने से पहले कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
उत्पाद के निर्माता और आयातक की जानकारी जरूर देखें।
पैकेज पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी की जांच करें।
संदिग्ध या बिना लेबल वाले उत्पादों से बचें।
सोशल मीडिया पर किए गए केवल “गारंटीड फेयरनेस” जैसे दावों पर भरोसा न करें।
विदेशी कॉस्मेटिक खरीदते समय उसके भारत में वैध आयात और पंजीकरण की जानकारी देखें।
त्वचा पर किसी उत्पाद के इस्तेमाल के बाद जलन, लालिमा या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो उसका इस्तेमाल रोककर चिकित्सकीय सलाह लें।
उपभोक्ताओं के लिए CDSCO का सीधा संदेश
CDSCO की ताजा चेतावनी का मूल संदेश साफ है—बिना वैध अनुमति और संदिग्ध गुणवत्ता वाले कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल न करें। नियामक ने कहा है कि भारत में बिकने वाले कॉस्मेटिक उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता निर्धारित नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
ऐसे में अगर किसी उपभोक्ता के पास Goree Beauty Cream या Chandni Whitening Cream मौजूद है, तो उसे इस्तेमाल जारी रखने के बजाय नियामक की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर ऐसे उत्पादों के मामले में, जो त्वचा को तेजी से गोरा करने या रंग बदलने का दावा करते हैं, केवल विज्ञापन देखकर फैसला करना स्वास्थ्य के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।
नोट: इस खबर में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी नियामकीय चेतावनियों पर आधारित है। किसी व्यक्ति में बीमारी या नुकसान का कारण निर्धारित करने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।