नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप आज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए दवाओं के साथ-साथ खान-पान, नमक की मात्रा, शारीरिक गतिविधि और वजन पर ध्यान देना भी जरूरी माना जाता है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि हाई बीपी के मरीजों के लिए केला बेहतर है या संतरा और इनमें से किस फल में ज्यादा पोटैशियम पाया जाता है।
दरअसल, पोटैशियम शरीर के लिए जरूरी खनिज है और सोडियम के संतुलन तथा सामान्य हृदय और मांसपेशियों के कामकाज में इसकी भूमिका होती है। विशेषज्ञ संस्थाओं के अनुसार, पर्याप्त पोटैशियम वाला आहार और कम सोडियम वाला खान-पान ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। DASH डाइट भी फलों, सब्जियों और अन्य पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों को महत्व देती है।
केला और संतरा, किसमें ज्यादा पोटैशियम?
केला पोटैशियम के लिए सबसे ज्यादा चर्चित फलों में से एक है। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, एक मध्यम आकार के केले में लगभग 422 मिलीग्राम पोटैशियम पाया जा सकता है। वहीं संतरा भी पोटैशियम का अच्छा स्रोत है, लेकिन सामान्य तौर पर एक मध्यम संतरे में केले की तुलना में कम पोटैशियम होता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि संतरा हाई बीपी के मरीजों के लिए कम उपयोगी है। संतरा विटामिन सी सहित कई पोषक तत्व देता है और फलों को संतुलित आहार में शामिल करना DASH जैसे हृदय-स्वस्थ खान-पान का हिस्सा हो सकता है।
इसलिए अगर सवाल सिर्फ केला और संतरा में पोटैशियम की तुलना का है, तो केला आमतौर पर आगे रहता है। हालांकि, रोजाना के आहार में केवल एक फल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फल और सब्जियों को शामिल करना ज्यादा बेहतर तरीका है।
हाई बीपी में पोटैशियम क्यों महत्वपूर्ण है?
ब्लड प्रेशर में सोडियम और पोटैशियम का संतुलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ज्यादा सोडियम का सेवन कई लोगों में रक्तचाप बढ़ा सकता है, जबकि पर्याप्त पोटैशियम वाला आहार रक्तचाप प्रबंधन में मदद कर सकता है। NIH के अनुसार, कम पोटैशियम का सेवन और ज्यादा सोडियम का सेवन हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम से जुड़ा है।
पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को संतुलित करने में मदद करता है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि केवल केला या कोई दूसरा फल खाने से हाई बीपी तुरंत सामान्य हो जाएगा। उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्थिति है जिसमें डॉक्टर की सलाह, नियमित BP जांच और समग्र जीवनशैली का ध्यान रखना जरूरी है।
सिर्फ केला ही नहीं, ये खाद्य पदार्थ भी हैं पोटैशियम से भरपूर
अगर कोई व्यक्ति अपने आहार में पोटैशियम की मात्रा बढ़ाना चाहता है तो विकल्प सिर्फ केले तक सीमित नहीं हैं। NIH के अनुसार, आलू, शकरकंद, दालें, सोयाबीन, सूखे खुबानी, किशमिश, संतरे का जूस, पालक और अन्य कई खाद्य पदार्थ पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं।
DASH डाइट में भी फल और सब्जियों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसमें केले, संतरे, खरबूजे, अंगूर, खुबानी जैसे फलों के साथ पालक, टमाटर, शकरकंद और अन्य सब्जियों को शामिल किया जाता है।
इसलिए हाई BP वाले व्यक्ति के लिए बेहतर रणनीति यह हो सकती है कि वह अपनी पसंद और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार विभिन्न फल-सब्जियों को संतुलित मात्रा में आहार में शामिल करे।
नमक कम करना भी उतना ही जरूरी
हाई ब्लड प्रेशर के मामले में सिर्फ पोटैशियम बढ़ाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। खाने में नमक यानी सोडियम की मात्रा कम करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। DASH-Sodium अध्ययन के अनुसार, DASH पैटर्न के साथ सोडियम कम करने से ब्लड प्रेशर में और अधिक सुधार देखा गया
इसलिए हाई BP वाले लोगों को बहुत अधिक नमकीन स्नैक्स, पैकेज्ड फूड, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ और अत्यधिक नमक वाले भोजन को सीमित करने की सलाह दी जाती है। भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों को प्राथमिकता देना DASH शैली के अनुरूप है।
क्या हर हाई BP मरीज ज्यादा केला खा सकता है?
यहां सावधानी जरूरी है। पोटैशियम स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए ज्यादा पोटैशियम लेना उचित नहीं होता। खासकर जिन लोगों को किडनी की बीमारी है या जो ऐसी दवाएं लेते हैं जो शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ा सकती हैं, उन्हें पोटैशियम की मात्रा बढ़ाने या पोटैशियम वाले नमक के विकल्प इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
इसी तरह हाई BP की दवा चल रही हो तो केवल फल खाने के भरोसे दवा बंद करना या उसकी मात्रा बदलना उचित नहीं है। खान-पान में बदलाव डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का विकल्प नहीं है।
निष्कर्ष
केला और संतरा दोनों ही पोषक फल हैं, लेकिन पोटैशियम की मात्रा के लिहाज से केला आमतौर पर संतरे से आगे है। एक मध्यम केले में करीब 422 मिलीग्राम पोटैशियम पाया जाता है। � हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए पोटैशियम युक्त फल-सब्जियों के साथ कम सोडियम वाला संतुलित आहार अपनाना अधिक महत्वपूर्ण है।
हालांकि, हाई BP को नियंत्रित करने के लिए केवल किसी एक फल को “सबसे अच्छा इलाज” मानना सही नहीं होगा। नियमित ब्लड प्रेशर जांच, डॉक्टर की सलाह, संतुलित आहार, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और जरूरत के अनुसार दवाओं का सेवन—इन सभी का संयोजन ज्यादा प्रभावी रणनीति है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी या नियमित दवा लेने वाले लोग अपने डॉक्टर/पंजीकृत आहार विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।