• होम
  • दिल्ली/NCR
  • शराब 99% बैक्टीरिया मारती है? दावे की पूरी सच्चाई जानें

शराब 99% बैक्टीरिया मारती है? दावे की पूरी सच्चाई जानें

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शराब 99 प्रतिशत तक उन बैक्टीरिया को मार सकती है, जो गले के संक्रमण और दांतों के क्षय का कारण बनते हैं। पोस्ट में शराब को इस तरह प्रस्तुत किया गया है, मानो […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 15, 2026 8:51 am IST, Published 12 minutes ago

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शराब 99 प्रतिशत तक उन बैक्टीरिया को मार सकती है, जो गले के संक्रमण और दांतों के क्षय का कारण बनते हैं। पोस्ट में शराब को इस तरह प्रस्तुत किया गया है, मानो इसका सेवन मुंह और गले में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने का प्रभावी तरीका हो। लेकिन क्या वास्तव में शराब पीना गले के संक्रमण या दांतों की समस्या से बचाव कर सकता है? उपलब्ध वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण इस दावे की तस्वीर को काफी अलग बताते हैं।

वायरल दावे में आखिर कितना है सच?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बैक्टीरिया को मारने की क्षमता और शराब पीने से शरीर के अंदर संक्रमण खत्म होना दो अलग-अलग बातें हैं। किसी निश्चित सांद्रता वाले अल्कोहल का प्रयोग सतहों या कुछ प्रकार के सैनिटाइजिंग उत्पादों में सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करने के लिए किया जा सकता है। लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शराब पीने से मुंह या गले में मौजूद सभी हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाएंगे।

शराब की अलग-अलग किस्मों में अल्कोहल की मात्रा भी अलग होती है। बीयर, वाइन और अधिकांश सामान्य मादक पेय में अल्कोहल की सांद्रता उस स्तर की नहीं होती, जिस पर किसी प्रभावी कीटाणुनाशक की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए “99 प्रतिशत बैक्टीरिया” के आंकड़े को शराब पीने के संदर्भ में सामान्य वैज्ञानिक तथ्य मानना सही नहीं है।

मुंह में मौजूद हर बैक्टीरिया नुकसानदायक नहीं

मानव मुंह में हजारों प्रकार के सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं। इनमें कुछ ऐसे बैक्टीरिया भी होते हैं जो सामान्य मौखिक माइक्रोबायोम का हिस्सा हैं और शरीर के साथ संतुलन में रहते हैं। इसलिए मुंह में मौजूद हर बैक्टीरिया को खत्म करना स्वास्थ्य के लिए जरूरी या लाभकारी नहीं है।

समस्या तब पैदा होती है जब बैक्टीरियल समुदाय का संतुलन बिगड़ता है, प्लाक जमा होता है या खराब मौखिक स्वच्छता के कारण दांतों और मसूड़ों पर बीमारी का खतरा बढ़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दांतों में कैविटी, गंभीर मसूड़ों की बीमारी और मुंह का कैंसर प्रमुख मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हैं।

क्या शराब दांतों की सड़न रोक सकती है?

यह दावा भी भ्रामक है। दांतों में कैविटी मुख्य रूप से तब विकसित होती है जब प्लाक में मौजूद सूक्ष्मजीव भोजन और पेय पदार्थों से मिलने वाली मुक्त शर्करा को एसिड में बदलते हैं। लंबे समय तक यह प्रक्रिया दांतों के कठोर हिस्से को नुकसान पहुंचा सकती है।

WHO के अनुसार पर्याप्त फ्लोराइड, दांतों की नियमित सफाई, कम शर्करा वाला आहार और प्लाक को हटाना कैविटी की रोकथाम में महत्वपूर्ण हैं। शराब को दांतों की सड़न से बचाने वाले उपाय के रूप में नहीं बताया गया है।

बल्कि कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में शराब के सेवन और मौखिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक पहलू सामने आए हैं। एक अध्ययन में व्हिस्की, बीयर और वाइन पीने के बाद लार के pH में कमी देखी गई थी। शोधकर्ताओं ने शराब के सेवन के बाद लार के रासायनिक बदलावों का अध्ययन किया था।

शराब से मसूड़ों और मुंह पर क्या असर पड़ सकता है?

अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन की जानकारी के अनुसार शराब का सेवन मौखिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। लंबे समय तक अधिक शराब का सेवन मौखिक माइक्रोबायोम में बदलाव, सूजन, मसूड़ों की समस्याओं, कैविटी और अन्य मौखिक समस्याओं से जुड़ा पाया गया है।

WHO भी शराब के सेवन को मौखिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले परिवर्तनीय जोखिम कारकों में शामिल करता है और शराब का सेवन कम करने की सलाह देता है।

इसलिए वायरल पोस्ट का यह संकेत कि शराब बैक्टीरिया को मारकर दांतों और गले को स्वस्थ रखती है, वैज्ञानिक रूप से भ्रामक निष्कर्ष है।

फिर 99 प्रतिशत बैक्टीरिया मारने वाली बात कहां से आई?

संभव है कि वायरल पोस्ट में शराब के बजाय उच्च सांद्रता वाले अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर या कीटाणुनाशक से संबंधित जानकारी को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया हो। कुछ परिस्थितियों में अल्कोहल सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय कर सकता है, लेकिन सैनिटाइजर या कीटाणुनाशक को पीना और शरीर के अंदर संक्रमण का इलाज करना बिल्कुल अलग विषय है।

इसी तरह अल्कोहल युक्त माउथवॉश और शराब भी एक जैसी चीजें नहीं हैं। माउथवॉश विशेष फॉर्मूलेशन और सक्रिय तत्वों के साथ तैयार किए जाते हैं। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार चिकित्सीय माउथरिंस कुछ स्थितियों में प्लाक, मसूड़ों की समस्या, सांस की दुर्गंध और दांतों की सड़न के जोखिम को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन वे भी ब्रशिंग और फ्लॉसिंग का विकल्प नहीं हैं।

गले के संक्रमण में शराब पीना इलाज नहीं

गले में दर्द या संक्रमण होने पर शराब को उपचार मानना उचित नहीं है। गले का संक्रमण वायरस या बैक्टीरिया सहित विभिन्न कारणों से हो सकता है। इसका उपचार कारण और लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

शराब पीने से संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया खत्म होने की गारंटी नहीं होती। उलटे, अत्यधिक शराब शरीर पर अन्य प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसलिए गले के संक्रमण के इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लेना अधिक सुरक्षित तरीका है।

मौखिक स्वास्थ्य के लिए क्या करें?

विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ सामान्य उपाय अपनाए जा सकते हैं। नियमित रूप से फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करना, दांतों के बीच की सफाई करना, अधिक मीठे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों का सेवन सीमित करना तथा नियमित दंत जांच कराना उपयोगी है।

यदि मसूड़ों से लगातार खून आता है, दांतों में दर्द या संवेदनशीलता है, मुंह में घाव लंबे समय तक बना रहता है या गले में संक्रमण के लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो चिकित्सक या दंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

निष्कर्ष: वायरल पोस्ट को मानने से पहले सावधान

सोशल मीडिया पर वायरल “शराब 99 प्रतिशत तक गले और दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया मार देती है” वाला दावा अधूरा और भ्रामक है। शराब की कुछ सांद्रताओं में प्रयोगशाला या सतहों पर रोगाणुओं को निष्क्रिय करने की क्षमता हो सकती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि शराब पीना गले के संक्रमण या दांतों की सड़न का इलाज या बचाव है।

इसके विपरीत, स्वास्थ्य संस्थाएं शराब का सेवन कम करने और मौखिक स्वच्छता पर ध्यान देने की सलाह देती हैं। इसलिए वायरल पोस्ट देखकर शराब को किसी तरह की “प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल दवा” समझना सही नहीं होगा।

नोट: यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल दावे के वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर विश्लेषण के लिए है। किसी बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।

Advertisement