बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में नए राशन कार्ड बनवाने वाले परिवारों के लिए प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब केवल आवेदन स्वीकृत होने और राशन कार्ड तैयार हो जाने से कार्ड स्वतः सक्रिय नहीं माना जाएगा। नए राशन कार्ड को सक्रिय करने के लिए लाभार्थियों की e-KYC पूरी करना जरूरी होगा। e-KYC पूरी होने के बाद ही संबंधित कार्ड पात्रता सूची में प्रभावी रूप से शामिल होकर राशन वितरण की प्रक्रिया से जुड़ सकेगा। बाराबंकी में इस नई व्यवस्था के बीच 10 हजार से अधिक राशन कार्ड आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया में हैं।
नई व्यवस्था को लेकर राशन कार्ड बनवाने वाले परिवारों के बीच यह जानना जरूरी हो गया है कि आवेदन, सत्यापन, कार्ड निर्माण और सक्रियण अब अलग-अलग चरणों में होंगे। विभागीय प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड और लाभार्थी की पहचान को अधिक स्पष्ट रूप से जोड़ने के लिए e-KYC को अहम चरण बनाया गया है।
आवेदन के बाद भी पूरा नहीं माना जाएगा काम
पहले सामान्य तौर पर राशन कार्ड जारी होने के बाद लाभार्थियों की KYC प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी। नई व्यवस्था में प्रक्रिया का क्रम बदला गया है। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित दस्तावेजों और पात्रता की जांच होगी। इसके बाद पत्रावली पूर्ति निरीक्षक के स्तर से आगे बढ़ते हुए जिला पूर्ति अधिकारी तक पहुंचेगी।
डिजिटल हस्ताक्षर और पात्रता से संबंधित जांच पूरी होने के बाद राशन कार्ड तैयार किया जा सकता है, लेकिन कार्ड को प्रभावी रूप से सक्रिय कराने के लिए e-KYC की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होगा। इसका अर्थ यह है कि कार्ड बन जाने के बाद भी लाभार्थी को KYC प्रक्रिया को लंबित नहीं रखना चाहिए।
बाराबंकी में 10 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित
बाराबंकी जिले में नए राशन कार्ड के लिए 10 हजार से अधिक आवेदन लंबित बताए गए हैं। इन आवेदनों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान आवेदकों की पात्रता और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
बड़ी संख्या में आवेदन लंबित होने के कारण लाभार्थियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि आवेदन करने मात्र से राशन की सुविधा तत्काल शुरू नहीं हो जाती। कार्ड बनने और उसके सक्रिय होने के बीच e-KYC की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश कुमार तिवारी के अनुसार, जिन लाभार्थियों के राशन कार्ड बन चुके हैं, उन्हें कार्ड सक्रिय कराने के लिए KYC अवश्य पूरी करनी चाहिए।
राशन कार्ड में नई यूनिट जोड़ने पर भी बदली प्रक्रिया
यह बदलाव केवल नए राशन कार्ड तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में राशन कार्ड में नए सदस्य या यूनिट जोड़ने की प्रक्रिया को भी e-KYC आधारित किया गया है। हापुड़ में लागू व्यवस्था के अनुसार आवेदन स्वीकृत होने के बाद नया राशन कार्ड अथवा नई यूनिट सीधे पात्रता सूची में शामिल नहीं होगी। पहले उसे ड्राफ्ट राशन कार्ड सूची में रखा जाएगा और संबंधित पात्र सदस्यों की e-KYC पूरी होने के बाद पात्रता सूची में शामिल किया जाएगा।
इस व्यवस्था में विभागीय लॉगिन पर ड्राफ्ट राशन कार्ड की जानकारी और प्रत्येक यूनिट की e-KYC स्थिति देखी जा सकेगी। इससे आवेदन की स्थिति और KYC से जुड़ी प्रक्रिया को विभागीय स्तर पर ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी।
छोटे बच्चों के लिए अलग प्रावधान
नई व्यवस्था में पांच वर्ष तक की आयु वाले बच्चों के लिए अलग प्रावधान भी बताया गया है। हापुड़ में जारी जानकारी के अनुसार, शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए e-KYC अनिवार्य नहीं होगी। मां की e-KYC पूरी होने के बाद बच्चे को मां के साथ पात्रता सूची में शामिल किया जा सकेगा।
हालांकि, बच्चे का नाम, लिंग, आधार संख्या और जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारी आवेदन के समय दर्ज करना आवश्यक होगा। इसलिए परिवारों को आवेदन करते समय दस्तावेजों और व्यक्तिगत विवरण में किसी प्रकार की गलती से बचना चाहिए।
खाली राशन दुकानों को फिर शुरू करने की तैयारी
बाराबंकी में राशन कार्ड प्रक्रिया के साथ उचित दर की दुकानों से संबंधित भी कार्रवाई की जा रही है। जिले में लंबे समय से रिक्त चल रही 22 उचित दर दुकानों को दोबारा संचालित करने के आदेश दिए गए हैं। संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र व्यक्तियों को दुकान आवंटित की जाएगी।
विभागीय जानकारी के मुताबिक इन दुकानों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। जिन गांवों और क्षेत्रों में दुकानें रिक्त होने के कारण राशन वितरण प्रभावित था, वहां दुकानें शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
लाभार्थी किन बातों का रखें ध्यान?
नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवेदन में दर्ज नाम, पता, परिवार के सदस्यों की जानकारी और आधार संबंधी विवरण सही हों। सत्यापन के बाद यदि कार्ड तैयार होता है तो e-KYC की प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी होगा।
इसी तरह जिन परिवारों ने हाल में राशन कार्ड में किसी नए सदस्य का नाम जुड़वाया है, उन्हें संबंधित सदस्य की KYC स्थिति भी जांचनी चाहिए। केवल कार्ड में नाम दर्ज होना और पात्रता सूची में सक्रिय रूप से शामिल होना अब एक ही बात नहीं है।
e-KYC की प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी या दस्तावेज संबंधी परेशानी आने पर लाभार्थी को स्थानीय उचित दर दुकान, पूर्ति निरीक्षक या जिला पूर्ति कार्यालय से संबंधित जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। किसी अनधिकृत व्यक्ति को आधार या अन्य संवेदनशील दस्तावेज देने से भी बचना चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
राशन वितरण व्यवस्था में लाभार्थियों की पहचान को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने के लिए e-KYC का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में राशन कार्डों की e-KYC प्रक्रिया पहले से चल रही है और अगस्त 2026 तक राज्य में बड़ी संख्या में राशन कार्डों की KYC पूरी होने की जानकारी सामने आई थी।
नई व्यवस्था में खास तौर पर नए कार्ड और नई यूनिट को पात्रता सूची से जोड़ने से पहले KYC को महत्वपूर्ण चरण बनाया गया है। इससे विभागीय रिकॉर्ड को अपडेट रखने और लाभार्थी की पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया एक ही डिजिटल व्यवस्था में जुड़ती है।
ऐसे में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले परिवारों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि कार्ड बन जाने के बाद e-KYC को लंबित न रखें। कार्ड की स्थिति और KYC पूरी होने की जानकारी संबंधित विभागीय माध्यम से जांचते रहें, ताकि राशन सुविधा शुरू होने में अनावश्यक परेशानी न हो।